मरांडी ने झारखंड सरकार पर भर्ती परीक्षाएं रद्द करके छात्रों को ‘धोखा देने’ का आरोप लगाया
मरांडी ने झारखंड सरकार पर भर्ती परीक्षाएं रद्द करके छात्रों को ‘धोखा देने’ का आरोप लगाया
रांची, 18 अगस्त (भाषा) झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा करके ‘‘आंदोलनरत छात्रों को धोखा दे रही है।’’
भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों एजेंसियों ने नौकरियां बेचीं और राज्य के छात्रों तथा अभ्यर्थियों के अधिकारों की अनदेखी की।
पूर्व मुख्यमंत्री मरांडी ने कहा, ‘‘हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा रद्द करने की घोषणा करके छात्रों को धोखा दे रही है। जब सरकार को पता है कि आंदोलनकारी सीबीआई जांच चाहते हैं, तो वह पीछे क्यों हट रही है? इससे स्पष्ट है कि सरकार में बैठे लोग भी नौकरियां बेचने में शामिल हैं।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाजपा का शुरू से ही यह स्पष्ट रुख रहा है कि सीबीआई को पूरे मामले की जांच करनी चाहिए, क्योंकि धीरे-धीरे ऐसे सबूत सामने आ रहे हैं कि दोनों एजेंसियों ने नौकरियां बेची थीं। जिस सीआईडी ने पहले गड़बड़ियों के मामलों की जांच की थी, उसने कोई कार्रवाई नहीं की थी।’’
राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और 2014 से आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी भर्ती परीक्षाएं रद्द करने की सोमवार को घोषणा की थी।
मरांडी ने कहा, ‘‘सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।’’
मरांडी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि भाजपा नेता को 2002 और 2005 में उनकी पार्टी के राज्य की सत्ता में रहने के दौरान जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच के नतीजे सामने रखने चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दो दशक बीत जाने के बाद भी संघीय एजेंसी ने अपनी जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी है।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘केंद्र में उनकी (भाजपा की) सरकार है और वे अपने राजनीतिक फायदे के लिए सीबीआई और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का इस्तेमाल करते हैं। फिर वे झारखंड के लिए ऐसा क्यों नहीं कर सकते?’’
भाषा सुभाष वैभव
वैभव

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