बेंगलुरु, सात सितंबर (भाषा) कर्नाटक के मंत्री ईश्वर खांड्रे ने सोमवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) के लिए नियमित निरीक्षण अनिवार्य कर दिया और उन्हें सप्ताह में दो बार चार से पांच गांवों का औचक दौरा करने का निर्देश दिया।
विभाग के सचिव को लिखे निर्देश में खांड्रे ने कहा कि सीईओ बिना पूर्व सूचना के ग्राम पंचायतों का दौरा करें, कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करें, पंचायत विकास अधिकारियों और तालुक कार्यपालक अधिकारियों के कामकाज का जायजा लें, लोगों की शिकायतें सुनें और उनमें से कुछ का मौके पर ही समाधान करें।
उन्होंने कहा, ‘‘पंचायत सीईओ सप्ताह में कम से कम दो दिन चार-पांच गांवों का दौरा करें और स्थिति का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करें।’’
उन्होंने ग्रामीण विकास कार्यों की करीबी निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया।
खांड्रे ने कहा कि कर्नाटक में 31 जिलों में 5,900 से अधिक ग्राम पंचायतें और 57,879 बस्तियां हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की 6.13 करोड़ आबादी में से 4.45 करोड़ लोग 26,589 गांवों में रहते हैं।
ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री खांड्रे ने कहा, ‘‘राज्य की करीब तीन-चौथाई आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है।’’ उन्होंने कहा कि इसलिए जिला पंचायत के सीईओ को ग्रामीण विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, बेहतर सड़कें, स्वच्छता और वीबी-जी राम-जी के तहत स्थानीय रोजगार सुनिश्चित करने से गांवों से शहरों की ओर पलायन रोकने में मदद मिलेगी, शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण विकास को गति मिलेगी।
मंत्री ने सीईओ को जल जीवन मिशन, वीबी-जी राम-जी, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री सड़क योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।
खांड्रे ने कहा कि सीईओ झीलों पर हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया की निगरानी करें और ग्राम पंचायतों की सीमा में स्वच्छता तथा सूखे एवं गीले कचरे के उचित प्रबंधन को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, ‘‘नियमित निरीक्षण से विकास कार्यों में तेजी आएगी और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।’’
भाषा अमित मनीषा
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