बेंगलुरु, नौ जनवरी (भाषा) कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने गृह विभाग के कामकाज में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के हस्तक्षेप की बात को शुक्रवार को सिरे से खारिज कर दिया।
जनता दल सेक्युलर (जदएस)के नेता और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शिवकुमार पर गृह विभाग के मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था, जिस पर परमेश्वर ने यह जवाब दिया।
कुमारस्वामी ने हाल ही में बेल्लारी में हुई झड़प के संबंध में पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाने के शिवकुमार के अधिकार पर भी सवाल उठाया था।
परमेश्वर ने कहा, “वह (शिवकुमार) एक जिम्मेदार मंत्री हैं, वह उपमुख्यमंत्री हैं। कुमारस्वामी शायद सही कह रहे हैं कि उपमुख्यमंत्री भी सिर्फ एक कैबिनेट मंत्री होते हैं और संविधान के अनुसार उनके पास कोई अतिरिक्त शक्तियां नहीं होतीं। लेकिन, एक सरकारी प्रतिनिधि के रूप में उनका (शिवकुमार का) वहां जाना गलत नहीं कहा जा सकता। वह कैबिनेट मंत्री और उपमुख्यमंत्री होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए वहां गए थे, क्योंकि मैं नहीं जा सका।”
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि शिवकुमार उपमुख्यमंत्री, मंत्री व सरकार के प्रतिनिधि होने के नाते बेल्लारी गए थे और मृतक के परिवार से मिले थे।
जब यह बताया गया कि कुमारस्वामी का प्रश्न शिवकुमार द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ की गई बैठक और उनकी (परमेश्वर की) अनुमति से संबंधित था, तो गृह मंत्री ने कहा, “अनुमति की क्या आवश्यकता है? वह सरकार के प्रतिनिधि हैं।”
उन्होंने कहा, “कैबिनेट एक सामूहिक जिम्मेदारी है, इसे हस्तक्षेप नहीं कहा जा सकता। अगर उन्होंने (शिवकुमार ने) वास्तव में हस्तक्षेप किया होता, पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए होते और इसका कोई अलग प्रभाव होता, तो मैं हस्तक्षेप के आरोपों को स्वीकार कर लेता। मुझे नहीं पता कि कुमारस्वामी ने चीजों को कैसे समझा है।”
परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि शिवकुमार ने गृह विभाग के कामकाज में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया है।
उन्होंने कहा, “हमारे फैसलों में किसी ने दखल नहीं दिया। मुख्यमंत्री और मैं गृह विभाग से संबंधित फैसले लेते हैं तथा हम जिम्मेदारी से काम करते हैं।”
बेल्लारी के कुछ हिस्सों में एक जनवरी की रात को उस समय तनाव फैल गया था, जब कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और गंगावती से भाजपा विधायक जी. जनार्दन रेड्डी के समर्थकों के बीच बैनर लगाने के मुद्दे को लेकर कथित तौर पर झड़प हुई थी।
स्थिति हिंसक हो गई और कथित तौर पर पथराव व गोलीबारी हुई, जिसमें कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।
भाषा जितेंद्र नरेश
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