कर्नाटक ने विधायकों के लिए तिरुपति की पहली आरती करने का प्रोटोकॉल मांगा : मुख्यमंत्री शिवकुमार

कर्नाटक ने विधायकों के लिए तिरुपति की पहली आरती करने का प्रोटोकॉल मांगा : मुख्यमंत्री शिवकुमार

कर्नाटक ने विधायकों के लिए तिरुपति की पहली आरती करने का प्रोटोकॉल मांगा : मुख्यमंत्री शिवकुमार
Modified Date: July 13, 2026 / 10:38 pm IST
Published Date: July 13, 2026 10:38 pm IST

बेंगलुरु, 13 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार एक ऐसा प्रोटोकॉल तैयार करेगी, जिससे राज्य के चुने हुए प्रतिनिधि तिरुपति मंदिर में पारंपरिक पहली आरती कर सकें। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इससे मंदिर के मौजूदा नियमों या रीति-रिवाजों में कोई दखल नहीं दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली आरती करने का सम्मान ऐतिहासिक रूप से कर्नाटक के पास रहा है और सरकार बस इस मौके को सरकारी अधिकारियों से आगे बढ़ाकर सभी राजनीतिक दलों के जन-प्रतिनिधियों तक पहुंचाना चाहती है।

उन्होंने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा, “तिरुपति के मामले में, महाराजाओं के समय से ही पहली आरती करने का अधिकार कर्नाटक के पास रहा है। अब तक, एक अधिकारी यह जिम्मेदारी निभाता रहा है। हम चाहते हैं कि सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि तिरुपति आने वाले चुने हुए प्रतिनिधियों को भी यह मौका मिले।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक से जुड़े विधायकों, मंत्रियों, न्यायाधीशों, अधिकारियों और अन्य जन-प्रतिनिधियों को जब भी वे मंदिर आएं, तो इस रस्म में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ कांग्रेस या जद(एस) के लिए नहीं है; सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को यह मौका मिलना चाहिए। जब ​​भी हमारे राज्य का कोई विधायक तिरुपति जाता है, तो उसे कर्नाटक की ओर से आरती करने का मौका मिलता है। पहली आरती कर्नाटक की होती है।”

शिवकुमार ने कहा कि अधिकारी इस रस्म को पूरा करने में मदद करते रहेंगे और सरकार मंदिर से जुड़े मौजूदा नियमों के आधार पर एक प्रोटोकॉल तैयार करेगी।

भाषा प्रशांत दिलीप

दिलीप


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