मंगलुरु (कर्नाटक), 25 अक्टूबर (भाषा) कर्नाटक के धर्मस्थल कस्बे में कई शवों को दफनाने के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी ने तीन कार्यकर्ताओं – महेश शेट्टी थिमारोडी, टी जयंत और गिरीश मट्टनवर – को समन जारी कर सोमवार को पेश होने को कहा है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि समन का पालन न करने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किये जा सकते हैं, क्योंकि जांच संभावित झूठी गवाही और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की दिशा में गहराई से आगे बढ़ रही है।
विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जांच निर्णायक चरण में पहुंच गई है और पूरी होने वाली है।
यह मामला अगस्त 2025 में शुरू हुआ जब 1995 से 2014 तक मंदिर में सफाई कर्मचारी रहे चिन्नैया ने शिकायत दर्ज कराई कि 2002 से 2014 के बीच मंदिर परिसर में 200 से ज्यादा अज्ञात शवों को गुप्त रूप से दफनाया गया।
उन्होंने दावा किया कि ये शव दुर्घटनाओं, हत्याओं और संदिग्ध मौतों के शिकार लोगों के थे, जिन्हें अनियमितताओं को छिपाने के लिए बिना पोस्टमार्टम या पुलिस रिपोर्ट के दफनाया गया था।
इस दावे के बाद मंदिर के लाखों श्रद्धालुओं में व्यापक आक्रोश फैल गया और राज्य सरकार ने प्रणब मोहंती के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया।
भाषा शफीक पवनेश
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