कश्मीर: खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शनों के कारण प्रतिबंध लगातार लागू

Ads

कश्मीर: खामेनेई की हत्या के विरोध में प्रदर्शनों के कारण प्रतिबंध लगातार लागू

  •  
  • Publish Date - March 4, 2026 / 01:47 PM IST,
    Updated On - March 4, 2026 / 01:47 PM IST

श्रीनगर, चार मार्च (भाषा) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर में हुए व्यापक प्रदर्शनों के बाद बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी घाटी में सख्त प्रतिबंध लागू रहे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

एहतियाती उपायों के तहत शनिवार तक के लिए शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए और मोबाइल इंटरनेट की गति धीमी कर दी गई।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘बुधवार को कश्मीर के कई हिस्सों में लोगों की आवाजाही और इकट्ठा होने पर प्रतिबंध जारी रहा।’’

उन्होंने कहा कि सख्त प्रतिबंध लागू किए जा रहे हैं और ये खासकर शिया बहुल इलाकों तथा उन क्षेत्रों में लागू है जहां पिछले तीन दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने के मकसद से शहर भर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण चौराहों पर अवरोधक लगाए गए। शहर के बीच स्थित लाल चौक के प्रतिष्ठित घंटाघर को चारों ओर अवरोधक लगाकर रविवार देर रात प्राधिकारियों ने सील कर दिया।

सरकार ने स्कूलों, कॉलेजो और विश्वविद्यालयों को पहले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि, मंगलवार को विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए एहतियात के तौर पर शिक्षण संस्थानों को शनिवार तक बंद रखने का फैसला किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट की गति पहले की तरह ही धीमी बनी रही, जबकि कुछ प्रीपेड मोबाइल कनेक्शन भी बंद कर दिए गए।

श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू सहित व्यक्तियों और कुछ मीडिया संस्थानों को भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

हालांकि, मामला दर्ज होने के कुछ घंटों बाद ही, प्रभावशाली शिया नेता मेहदी ने कहा कि वह सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘श्रीनगर की जनता ने अपने सांसद को सरकार द्वारा अनुमोदित शोक संदेश पढ़ने के लिए नहीं चुना था। उन्होंने उन्हें सच बोलने के लिए चुना था। यह जनादेश प्राथमिकी दर्ज होने से समाप्त नहीं होता।’’

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारियों को सतर्क रहने के मंगलवार को निर्देश दिए और यहां पुलिस और सेना के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की।

सिन्हा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘कश्मीर पुलिस नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ पुलिस एवं नागरिक प्रशासन अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च सतर्कता बरतें और सार्वजनिक शांति एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करें।’’

भाषा यासिर नोमान

नोमान