Kawasi Lakhma Statement. Photo Credit: file
रायपुरः Kawasi Lakhma Statement: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश के पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने विधानसभा में बड़ा बयान देते हुए कहा कि अब बस्तर में लोग शांति से जीने लगे हैं और नक्सलवाद खत्म होने की दिशा में है। उनके इस बयान के बाद सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। आखिर लखमा के बयान के क्या हैं राजनीतिक मायने? समझते हैं इस रिपोर्ट के जरिए
Kawasi Lakhma Statement दरअसल, प्रदेश के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने विधानसभा में खुलकर स्वीकार किया है कि अब बस्तर में लोग शांति से जीने लगे हैं। प्रदेश से नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी बड़ी समस्या खत्म हो रही है। जाहिर है लखमा के बयान को सत्तापक्ष ने हाथों-हाथ लिया। दावा दोहराते हुए कहा कि खुद आदिवासी लीडर, पूर्व मंत्री, एक बस्तरिया नेता बदलाव को, नक्सलियों के अंत को देख-समझ और महसूस कर रहा है। वहीं कांग्रेसी नेता इस पर साफ-साफ कुछ भी कहने से बच रहे हैं। गोल-मोल शब्दों में लखमा के मौजूदा हाल का हवाला देकर सफाई देते नजर आए हैं।
हालांकि ये भी सच है कि बीते कुछ दिनों से बीजेपी नेताओं ने कवासी लखमा को बार-बार अपनी ही पार्टी की सरकार में हुए घोटाले में उन्हें मोहरा बनाए जाने की बात कहकर लखमा को थोड़ा फीलगुड कराया। अब लखमा ने खुलकर स्वीकार कर रहे हैं कि बस्तर में नक्सलवाद खत्म होगा ये तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। सवाल ये है कि लखमा का ये बयान क्या उनकी अपनी पार्टी कांग्रेस को रास आएगा? क्योंकि विपक्ष ने नक्सलियों के सफाए पर, सरेंडर पर, उनके लिखे पत्रों पर, सरकार की नक्सल नीति पर शंकाएं उठाई हैं। नक्सवाद के सफाए पर केंद्र और राज्य में बीजेपी को घेरने वाली कांग्रेस क्या अपने बड़े आदिवासी नेता की बात को खारिज कर पाएगी ?