Petrol Pump Close from June 1 2026: दो दिन बाद पेट्रोल-डीजल की बूंद-बूंद के लिए तरसेंगे वाहन चालक, पेट्रोल पंप संचालकों ने किया अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान, जानिए क्यों लेने जा रहे ऐसा फैसला / Image: AI Generated
जयपुर: Petrol Pump Close from June 1 2026 राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने ईंधन मूल्य निर्धारण, आपूर्ति की कमी और डीलरों पर की जा रही प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े उनके मुद्दों का समाधान नहीं किया, तो एक जून से राज्यभर में पेट्रोल पंप संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में कमी भी शामिल है। मंगलवार को एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और एक जून से पहले बैठक की मांग की।
Petrol Pump Close from June 1 2026 एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी ने आरोप लगाया कि बार-बार पत्र और ई-मेल भेजने के बावजूद प्रमुख सचिव स्तर पर कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी समस्या पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित होना है। राज्य में कई पेट्रोल पंप रोजाना सूखे पड़े रहते हैं।” एसोसिएशन के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों ने मौखिक निर्देशों, व्हॉट्सएप संदेशों और मोबाइल संचार के जरिये ईंधन आपूर्ति पर सीमा तय कर दी है। डीलरों ने आरोप लगाया कि निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन देने वाले पंप संचालकों पर बिक्री निलंबन और नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम और पेट्रोल पंप पर भीड़ बढ़ रही है। एसोसिएशन ने यह भी नाराज़गी जताई कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियां ऊंचे दामों के कारण कमजोर मांग के बावजूद डीलरों पर ब्रांडेड ईंधन बेचने का दबाव बना रही हैं।
भाटी ने किसानों को बुवाई सीजन से पहले ड्रम में डीजल आपूर्ति पर लगी पाबंदी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा, “ये प्रतिबंध मानसून और कृषि कार्यों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर समस्या पैदा कर सकते हैं।” एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के दौरे और सरकारी रैलियों के दौरान क्रेडिट पर दिए गए ईंधन के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया। आरोप लगाया गया कि लाखों रुपये के बकाया अब तक साफ नहीं किए गए हैं, जिससे डीलरों पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है। भाटी ने सरकार पर बायोडीजल और बेस ऑयल के अवैध व्यापार पर कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में पेट्रोल और डीजल पर वैट में कमी शामिल है।
भाटी ने कहा, “राजस्थान में ऊंचे वैट के कारण देश में सबसे अधिक ईंधन कीमतें हैं। कर दरों को पंजाब के बराबर लाया जाना चाहिए और इसमें कम से कम पांच प्रतिशत की कटौती की जानी चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में सीएनजी की कीमतें हरियाणा और पंजाब से अधिक हैं और जिलों में कीमतों में भारी अंतर उपभोक्ताओं में असंतोष पैदा कर रहा है। भाटी ने कहा, “यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो राजस्थान भर के पेट्रोल पंप संचालक एक जून से हड़ताल करने को मजबूर होंगे।”