असम के विकास की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर : हिमंत

असम के विकास की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर : हिमंत

  •  
  • Publish Date - January 18, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - January 18, 2026 / 07:13 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

कलियाबोर (असम), 18 जनवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर की आधारशिला रखने के साथ ही राज्य अपनी विकास यात्रा के एक अहम मुकाम पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य मध्य और ऊपरी असम के बीच संपर्क को बेहतर बनाना और ‘यूनेस्को’ (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) विश्व धरोहर स्थल तथा एक सींग वाले गैंडे के निवास स्थान काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की समृद्ध जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने नगांव जिले में प्रधानमंत्री द्वारा विकास परियोजनाओं की आधाशिला रखने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय यह अकल्पनीय था कि कोई प्रधानमंत्री केवल वन्यजीवों की रक्षा के लिए काजीरंगा से होकर गुजरने वाले 35 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के वास्ते करीब 7,000 करोड़ रुपये की धनराशि को मंजूरी देगा।

शर्मा ने कहा, ‘‘यह एक अभूतपूर्व उपहार है और प्रधानमंत्री स्वयं इसे असम की जनता को भेंट करने के लिए कलियाबोर आए हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए असम के विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।’’

प्रधानमंत्री ने रविवार को काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और राष्ट्रीय राजमार्ग 715 के कलियाबोर-नुमालीगढ़ खंड को 6,957 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बनाने की योजना का आधारशिला रखने के साथ-साथ दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को ऑनलाइन माध्यम ये हरी झंडी दिखाई।

शर्मा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और भारतीय वन्यजीव संस्थान की सिफारिशों के अनुसार कार्यान्वित की जा रही यह परियोजना वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगी और सड़क दुर्घटनाओं तथा मानव-पशु संघर्ष को काफी हद तक कम करेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मान्यता के मुताबिक भगवान कृष्ण ने असम की रुक्मिणी को गुजरात के द्वारका ले जाते समय कलियाबोर में विश्राम किया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पवित्र भूमि पर उपस्थिति असम और गुजरात के बीच ऐतिहासिक संबंधों की पुनः पुष्टि का प्रतीक है।

शर्मा ने कहा कि एक दिन पहले गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में 10,000 से अधिक कलाकारों ने बागुरुम्बा नृत्य प्रदर्शन के माध्यम से जीवंत बोडो संस्कृति का प्रदर्शन किया, जिससे असम की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर ले जाया गया।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि ब्रह्मपुत्र नदी पर कई पुल, लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज, नए विश्वविद्यालय, नुमालीगढ़-गोहपुर सुरंग सड़क, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, 22,000 करोड़ रुपये का सिलचर-गुवाहाटी कॉरिडोर और गुवाहाटी रिंग रोड जैसी परियोजनाएं कभी अकल्पनीय लगती थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘असम अब विकास के एक नए क्षितिज में प्रवेश कर चुका है और राज्य को प्रगति के पथ पर अग्रसर करने तथा असमिया भाषा, बिहू, झुमोइर, बागुरुम्बा और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को विश्व तक पहुंचाने में प्रधानमंत्री के योगदान को कभी नहीं भूलेगा।’’

इस अवसर पर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और केंद्रीय मंत्रीपबित्रा मार्गेरिटा, राज्य मंत्री अतुल बोरा, चरण बोरो, कृष्णेंदु पॉल और केशव महंत और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

भाषा धीरज सुरभि

सुरभि