कोझिकोड, छह जून (भाषा) केरल की एक अदालत ने शनिवार को 2022 से 2024 के बीच एक नाबालिग स्कूली छात्रा का बार-बार यौन उत्पीड़न और उससे छेड़छाड़ करने के आरोप में 55 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक को कुल 11 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मनोज अरूर ने बताया कि नादपुरम ‘फास्ट ट्रैक’ विशेष अदालत के न्यायाधीश देवन के. मेनन ने आरोपी सजीवन को तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत विभिन्न अपराधों के लिए कुल 11 साल की कारावास की सजा सुनाई।
अरूर ने बताया कि चूंकि सजाएं एक साथ चलेंगी और सजीवन को दी गई अधिकतम सजा पांच साल की थी इसलिए उसे केवल पांच साल की सजा काटनी होगी।
अदालत ने इसके अलावा आरोपी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजक ने बताया कि आरोपी, छात्रा को अपने ऑटो रिक्शा में स्कूल ले जाया करता था और वापस लाता था।
अरूर ने बताया कि 2022 से 2024 के बीच, उसने बच्ची को स्कूल ले जाते समय कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया और उससे छेड़छाड़ की।
अभियोजक ने बताया कि कुछ समय बाद बच्ची ने अपने माता-पिता को इस बारे में बताया, जिन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अरूर ने बताया कि 12 गवाहों से पूछताछ की गई और अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ अपने मामले के समर्थन में 21 दस्तावेज प्रस्तुत किए।
भाषा जितेंद्र माधव
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