चिकित्सा पर्यटन कंपनी की आड़ में चल रहा था केरल का अंग तस्करी गिरोह: ईडी

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चिकित्सा पर्यटन कंपनी की आड़ में चल रहा था केरल का अंग तस्करी गिरोह: ईडी

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  • Publish Date - June 21, 2026 / 02:15 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 02:15 PM IST

कोच्चि, 21 जून (भाषा) केरल में कथित अंग तस्करी गिरोह के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से पता चला है कि यह गिरोह एक चिकित्सा पर्यटन कंपनी की आड़ में काम कर रहा था और मुनाफा कमाने के लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे अंगदाताओं का शोषण करता था। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

प्रवर्तन निदेशालय ने केरल पुलिस की ओर से दर्ज कई प्राथमिकियों के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने के बाद हाल में अस्पतालों समेत राज्य के नौ स्थानों पर छापेमारी की थी।

ईडी ने एक बयान में कहा कि पुलिस के मामलों में एक सुनियोजित आपराधिक गिरोह का खुलासा होने के बाद जांच शुरू की गई। उसने कहा कि यह गिरोह परोपकारी अंगदान और चिकित्सा पर्यटन की आड़ में जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और अवैध अंग तस्करी में कथित तौर पर शामिल था।

ईडी ने कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी मोहम्मद नजीब के. और उसकी साझेदार रशीदा ए. ए. ने अपनी मुखौटा कंपनी ‘कल्लाथारस मेडिकल टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिये 2021 से 2026 के बीच इस गिरोह को संचालित किया।

उसने कहा कि आरोपियों ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अंगदाताओं को एजेंटों और बिचौलियों के एक नेटवर्क के माध्यम से निशाना बनाया और उन्हें पांच लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक देने का लालच दिया, जबकि अंग प्राप्त करने वालों से 20 लाख रुपये से 35 लाख रुपये या उससे अधिक वसूले गए।’’

एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस द्वारा कथित रूप से जारी परोपकारी अंगदान प्रमाणपत्रों, जनप्रतिनिधियों के अनुशंसा पत्रों, आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य सहायक दस्तावेजों समेत कई दस्तावेजों की जालसाजी की।

केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि जाली दस्तावेज एर्नाकुलम जिले के पल्लीक्करा स्थित ‘सन कम्युनिकेशंस डेस्कटॉप पब्लिशिंग (डीटीपी) सेंटर’ और ‘साइन एचडी डिजिटल स्टूडियो’ में कथित तौर पर तैयार किए गए।

ईडी ने बयान में कहा, ‘‘इसके बाद एर्नाकुलम के प्रमुख अस्पतालों में अवैध प्रतिरोपण प्रक्रियाएं कराई गईं।’’

एजेंसी ने कहा कि अपराध से अर्जित आय का पता लगाने, वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने और अवैध अंग व्यापार से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य तथा वित्तीय लेन-देन का विवरण बरामद करने के लिए छापे मारे गए।

ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान जांचकर्ताओं ने अंग प्रतिरोपण ऑपरेशन से जुड़े जाली दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए। इनमें अंगदाताओं एवं अंग प्राप्त करने वालों का विवरण और मंजूरी हासिल करने के लिए जिलास्तरीय प्राधिकरण समिति के समक्ष जमा किए गए दस्तावेज भी शामिल हैं।

एजेंसी ने कथित रूप से अपराध से अर्जित आय का इस्तेमाल कर खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाने के लिए आरोपियों और उनके सहयोगियों की अचल संपत्तियों का विवरण भी एकत्र किया।

ईडी ने कहा, ‘‘अवैध अंग व्यापार में मदद करने वाले एजेंटों और बिचौलियों के बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों का विवरण हासिल कर लिया गया है तथा अपराध से अर्जित आय के प्रवाह और उसे विभिन्न लेन-देन के जरिये छिपाने की प्रक्रिया का पता लगाने के लिए इसका विश्लेषण किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।’’

केरल पुलिस ने इस गिरोह के संबंध में अब तक छह मामले दर्ज किए हैं और कथित सरगना मोहम्मद नजीब समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। नजीब को पिछले महीने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

भाषा सिम्मी रंजन

रंजन