केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन ने ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी की निंदा की

Ads

केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन ने ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी की निंदा की

  •  
  • Publish Date - August 31, 2026 / 06:46 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 06:46 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त (भाषा) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने‘शुद्धीकरण’ विवाद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में प्राथमिकी दर्ज किए जाने की सोमवार को निंदा की।

प्राथमिकी गांधी की उस टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद किए गए कथित ‘शुद्धीकरण’ का जिक्र किया था।

सतीशन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तराखंड में श्री राहुल गांधी जी के खिलाफ प्राथमिकी बेहद चिंताजनक है।’’

पुलिस ने बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसने आरोप लगाया है कि गांधी ने रामलीला मैदान में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया।

प्राथमिकी में समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के इरादे से जानबूझकर किए गए कृत्यों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराओं को भी इसमें शामिल किया गया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब आठ अगस्त को हुई खरगे की जनसभा के तीन दिन बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ किया।

सतीशन ने कहा, ‘‘उन्होंने (गांधी) जो मुद्दा उठाया, वह गंभीर था: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की रैली के बाद एक तथाकथित ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान किया गया। इस घटना ने स्वाभाविक रूप से गरिमा, समानता और जातिगत भेदभाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।’’

गांधी ने 29 अगस्त को नयी दिल्ली में एक प्रेसवार्ता में यह मुद्दा उठाया था और मांग की थी कि कथित ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान के ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।

प्राथमिकी दर्ज कराने वाले हल्द्वानी निवासी और ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ के सदस्य अमित कुमार ने कहा कि वह ‘‘अनुष्ठान और सफाई अभियान’’ के दौरान वहां मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी की बातों से वाल्मीकि समुदाय की भावनाएं आहत हुईं।

अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य होने का दावा करने वाले कुमार ने आरोप लगाया कि गांधी ने इस अनुष्ठान में शामिल लोगों को ‘‘छुआछूत’’ मानने वाले और ‘‘दलित-विरोधी’’ के तौर पर पेश किया।

उन्होंने दावा किया कि इस अनुष्ठान में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया था, जिनमें अनुसूचित जातियों के सदस्य भी शामिल थे, और इसका खरगे की जाति से ‘‘कोई लेना-देना नहीं’’ था।

सतीशन ने कहा कि प्राथमिकी गांधी को संबंधित मुद्दा उठाने से रोकने की कोशिश है।

उन्होंने कहा, ‘‘इन चिंताओं पर ध्यान देने के बजाय, आवाज़ उठाने और कार्रवाई की मांग करने की वजह से राहुल जी के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’

सतीशन ने कहा, ‘‘केरलम असहमति को अपराध की श्रेणी में लाने की ऐसी कोशिशों की कड़ी निंदा करता है। राजनीतिक असहमति का जवाब राजनीतिक तरीके से ही दिया जाना चाहिए, न कि डरा-धमकाकर या कानून का गलत इस्तेमाल करके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम राहुल जी और खरगे जी के साथ मजबूती से खड़े हैं।’’

भाषा नेत्रपाल माधव

माधव