केरल : चर्च के दैनिक समाचार पत्र ने जे बी कोशी आयोग पर केरल सरकार के दावों पर सवाल उठाए

केरल : चर्च के दैनिक समाचार पत्र ने जे बी कोशी आयोग पर केरल सरकार के दावों पर सवाल उठाए

केरल : चर्च के दैनिक समाचार पत्र ने जे बी कोशी आयोग पर केरल सरकार के दावों पर सवाल उठाए
Modified Date: January 9, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: January 9, 2026 5:12 pm IST

तिरूवनंतपुरम, नौ जनवरी (भाषा) केरल के कैथोलिक चर्च द्वारा संचालित दैनिक समाचार पत्र ‘दीपिका’ में शुक्रवार को प्रकाशित संपादकीय में वामपंथी सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया गया है कि न्यायमूर्ति जे. बी. कोशी आयोग की अधिकांश सिफारिशों को पहले ही लागू कर दिया गया है।

संपादकीय में राज्य की वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार पर ईसाई समुदाय को ‘‘अंधेरे में रखने’’ का आरोप भी लगाया गया है।

यह संपादकीय मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि माकपा नीत एलडीएफ सरकार ने आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए ‘‘हर संभव कदम’’ उठाए हैं और 6 फरवरी को हितधारकों की बैठक करने की घोषणा की है।

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उनके ये बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले ईसाई मतदाताओं को लुभाने के प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं।

न्यायमूर्ति जे. बी. कोशी आयोग की नियुक्ति 5 नवंबर 2020 को केरल में ईसाई अल्पसंख्यकों के शैक्षिक और आर्थिक पिछड़ेपन तथा कल्याण का अध्ययन करने के लिए की गई थी। आयोग ने मई 2023 में एलडीएफ सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

हालांकि, ‘दीपिका’ में कहा गया है कि कि ढाई साल से अधिक समय से बार-बार मांग किए जाने के बावजूद रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

संपादकीय में कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री ने फेसबुक पर जो लिखा और प्रेस वार्ता में जो स्पष्टीकरण दिया, वह इस धारणा पर आधारित है कि केरल में ईसाई अल्पसंख्यक केवल काल्पनिक हैं।’’

मुख्यमंत्री के इस दावे का जिक्र करते हुए कि ‘‘रिपोर्ट में दी गई अधिकांश सिफारिशें पहले ही लागू कर दी गई हैं’’ अखबार ने कहा कि यह सब ‘‘एक भी ईसाई को पता चले बिना हुआ है।’’

संपादकीय में कहा गया, ‘‘महोदय, कम से कम अब वह रिपोर्ट तो जारी कर दीजिए।’’

इसमें कहा गया है, “इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह समुदाय उन लाभों को जान सके जिन्हें वह तमाम प्रयासों के बावजूद प्राप्त नहीं कर सका है, और आभार जता सके।”

बृहस्पतिवार को एक प्रेस वार्ता में विजयन ने कहा था कि “इस मुद्दे को लेकर चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आयोग द्वारा प्रस्तुत सभी 284 अनुशंसाओं और 45 उप-अनुशंसाओं की जांच कर ली है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘सत्रह विभागों ने सिफारिशों को पूरी तरह से लागू कर दिया है, जबकि 220 सिफारिशों और उप-सिफारिशों पर कार्य पूरा हो चुका है।”

उनके अनुसार, सात सिफारिशें अभी भी कैबिनेट को सौंपने के लिए प्रक्रिया में हैं।

विजयन ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें यह कहा गया गया था कि सरकार आयोग की सिफारिशों पर कार्रवाई करने में विफल रही है, और उन्हें ‘‘भ्रामक’’ बताया।

भाषा सुभाष नरेश

नरेश


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