तिरुवनंतपुरम, 28 जून (भाषा) केरल के मंत्री के. मुरलीधरन ने रविवार को कहा कि राज्य का स्वास्थ्य विभाग निपाह और शिगेला संक्रमण जैसे संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक जीवाणु संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित भोजन, पानी या खराब स्वच्छता के माध्यम से फैलता है और इससे दस्त, बुखार तथा पेट में ऐंठन की शिकायत होती है।
निपाह पशुओं से मनुष्य में फैलने वाला एक विषाणुजनित रोग है और निकट संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण फैल सकता है।
निपाह वायरस का संक्रमण गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी और मस्तिष्कशोथ (एन्सेफलाइटिस) का कारण बन सकता है तथा इसकी मृत्यु दर भी अधिक है।
एक बयान के अनुसार, मंत्री ने थायकाड स्थित महिला एवं बाल अस्पताल में राज्य स्तरीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद कहा कि यद्यपि केरल में पिछले 26 वर्षों से पोलियो का कोई मामला सामने नहीं आया है, फिर भी विभाग को एहतियाती उपायों को लगातार मजबूत करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भविष्य में संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए रोकथाम संबंधी उपायों को और सुदृढ़ किया जाना चाहिए। साथ ही, राज्य सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को लगातार मजबूत करती रहेगी।
मुरलीधरन ने कहा कि नदियों और जलधाराओं को कचरे से मुक्त रखने तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने से जुड़ी परियोजनाएं स्थानीय स्वशासी संस्थाओं के समन्वय से लागू की जाएंगी।
भाषा रवि कांत दिलीप
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