केरल मानवाधिकार आयोग ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ‘कपड़े से ढके’ आईसीयू की जांच के आदेश दिए

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केरल मानवाधिकार आयोग ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ‘कपड़े से ढके’ आईसीयू की जांच के आदेश दिए

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 08:35 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 08:35 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 18 अप्रैल (भाषा) केरल मानवाधिकार आयोग ने शनिवार को उस शिकायत की तत्काल जांच के निर्देश दिए, जिसमें कहा गया है कि एक महीने पहले हुई आग की घटना के बाद से यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का आईसीयू अस्थायी रूप से कपड़े से ढकी व्यवस्था के तहत काम कर रहा है।

इस संबंध में जारी एक बयान के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने मीडिया में आई उन खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किया, जिनमें कहा गया है कि गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में मरीज गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

खबरों में कहा गया है कि आईसीयू में वेंटिलेटर में आग लगने के एक महीने बाद भी पर्याप्त सुविधाएं बहाल नहीं की गई हैं और वर्तमान में यह यूनिट कपड़े से ढकी अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रही है।

इनमें क्षतिग्रस्त आईसीयू में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और विद्युत विभाग द्वारा मरम्मत कार्य करने में देरी का भी आरोप लगाया गया।

आयोग ने चिकित्सा शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की तत्काल जांच करने के लिए चिकित्सा शिक्षा उप निदेशक (डीएमई) के पद के बराबर या उससे ऊपर रैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त करें।

अधिकारी को स्थिति का आकलन करने, आईसीयू में उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक उपायों का सुझाव देने और दो सप्ताह के भीतर आयोग को व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

पीडब्ल्यूडी (भवन) के मुख्य अभियंता को विद्युत विभाग से आवश्यक कदमों की जांच करने और मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अस्पताल अधिकारियों के साथ समन्वय करने हेतु एक कार्यकारी अभियंता को नियुक्त करने का भी निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक को आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने के बाद दो सप्ताह के भीतर अलग-अलग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

आयोग ने डीएमई, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता, राज्य सरकार और अस्पताल अधीक्षक का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों को आठ मई को सुबह 10 बजे व्यक्तिगत रूप से उसके समक्ष उपस्थित होकर मामले के तथ्यों को स्पष्ट करने का निर्देश भी दिया है।

भाषा

शुभम नेत्रपाल

नेत्रपाल