कोझिकोड (केरल), आठ दिसंबर (भाषा) यहां की एक विशेष अदालत ने दो वर्ष पहले एलकेजी में पढ़ने वाली बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के मामले में 56 वर्षीय एक व्यक्ति को सोमवार को 20 वर्ष जेल की सजा सुनाई।
नादपुरम की विशेष फास्ट ट्रैक अदालत के न्यायाधीश सुहैब एम ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के अपराध में यह सजा सुनाई।
लोक अभियोजक (पीपी) मनोज अरूर ने बताया कि 20 वर्ष जेल की सजा के अलावा अदालत ने दोषी पर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना नवंबर 2021 में हुई, जब 56 वर्षीय व्यक्ति ने बच्ची को टेम्पो में बैठाया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
अभियोजक ने बताया कि आरोपी को नाबालिग लड़कियों से यौन उत्पीड़न के दो अन्य मामलों में इसी अदालत ने हाल ही में पांच वर्ष और दो वर्ष जेल की सजा सुनाई थी।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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