तिरुवनंतपुरम, 10 सितंबर (भाषा) केरलम में सरकारी और निजी प्रबंधन के तहत संचालित वृद्धाश्रमों को अब ‘स्नेहालयम’ नाम से जाना जाएगा।
राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री वी.ई. अब्दुल गफूर ने निर्देश दिया है कि ऐसे संस्थानों के साइनबोर्ड और सभी आधिकारिक रिकॉर्ड में ‘वृद्धाश्रम’ (ओल्ड-ऐज होम) के स्थान पर ‘स्नेहालयम’ नाम का इस्तेमाल किया जाए। मंत्री के कार्यालय ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इसमें कहा गया है कि मंत्री ने बुधवार को यहां पूजप्पुरा में सामाजिक न्याय विभाग के तहत संचालित ‘स्नेहालयम’ का भी दौरा किया।
राज्य मानवाधिकार आयोग के हालिया निर्देश के बाद, सरकार ने इन संस्थानों का नाम बदलकर ‘स्नेहालयम’ करने का फैसला किया है।
आयोग ने अपने निर्देश में ऐसी सुविधाओं से जुड़े सभी दस्तावेजों में इसी नाम (स्नेहालयम) का इस्तेमाल करने के लिए कहा था।
बयान के अनुसार, मंत्री का यह निर्देश तब आया जब यह पाया गया कि आयोग की सिफारिश को पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है।
गफूर ने कहा कि आम बोलचाल से ‘ओल्ड-ऐज होम’ (वृद्धाश्रम) शब्द को पूरी तरह से हटाने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाली नामपट्टिकाओं, आधिकारिक वेबसाइट, प्रकाशनों और अन्य दस्तावेजों में नाम परिवर्तन कराया जाए।
बयान में कहा गया है कि सामाजिक न्याय विभाग के निदेशक ने पहले ही यह जानकारी दी थी कि सरकारी आदेश के अनुसार वृद्धाश्रमों के नाम बदलकर ‘स्नेहालयम’ कर दिए गए हैं। हालांकि, इसके बावजूद कई जगहों पर पुराना नाम अब भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके चलते मंत्री को हस्तक्षेप करना पड़ा।
मंत्री ने कहा, ‘‘हर वरिष्ठ नागरिक को केवल एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि एक ‘स्नेहालयम’ मिलना चाहिए।’’
भाषा प्रचेता वैभव
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