तिरुवनंतपुरम, 28 जुलाई (भाषा) केरल पुलिस ने राजधानी तिरुवनंतपुरम के श्रीकार्याम क्षेत्र में संचालित एक अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, तिरुवनंतपुरम शहर पुलिस के जिला मादक पदार्थ निरोधक विशेष कार्रवाई बल ने इस मकान में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की आशंका के आधार पर तलाशी ली थी। जांच के दौरान हालांकि वहां कथित तौर पर साइबर ठगी के लिए संचालित एक अवैध कॉल सेंटर का पता चला।
पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर के संचालन में इस्तेमाल किए जा रहे कथित कंप्यूटरों और अन्य उपकरणों की जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इसने कहा कि उत्तर भारत के लोगों का यह गिरोह ऋण संबंधी धोखाधड़ी समेत विभिन्न साइबर ठगी योजनाओं के जरिए कथित तौर पर अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहा था।
राज्य के पुलिस महानिदेशक रावड़ा चंद्रशेखर ने कहा कि इस गिरोह का कथित सरगना आकाश फरार है और उसकी तलाश कर उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस महानिदेशक ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मामले की जांच जारी है और हम इससे जुड़ी अधिक जानकारी जुटा रहे हैं। शुरुआत में हमें मादक पदार्थों के गिरोह का संदेह था, लेकिन तलाशी के दौरान कई कंप्यूटर मिले और बाद में पता चला कि वहां साइबर अपराध के लिए कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था।’’
उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिन में मामले से जुड़े और अधिक तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि केरल में साइबर अपराध के कुछ प्रमुख केंद्र हैं, खासकर मलप्पुरम और एर्नाकुलम जिलों में, जहां पुलिस ने ऐसे कई एटीएम निकासी मामलों का पता लगाया है जो कथित तौर पर साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘फर्जी खाते’ से जुड़े थे।
उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने अब तक साइबर ठगी से जुड़े 78 करोड़ रुपये जब्त किए हैं और इसमें से लगभग पांच प्रतिशत राशि पीड़ितों को वापस दिलाने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘राशि को ‘फ्रीज’ कर दिया गया है और अब उसे वापस प्राप्त कर पीड़ितों को लौटाने की प्रक्रिया जारी है। अब तक हम लगभग पांच प्रतिशत राशि वापस दिला चुके हैं।’’
पुलिस महानिदेशक ने पुलिस मुख्यालय में राज्य पुलिस की साइबर अपराध शाखा, प्रमुख बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख भुगतान गेटवे के प्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाताओं से यह बात कही।
उन्होंने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य साइबर अपराध की रोकथाम तथा पीड़ितों के लिए अवरुद्ध धन की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए साइबर अपराध शाखा और बैंकों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
उन्होंने कहा, ‘‘बैंक अधिकारियों ने पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है और इस उद्देश्य के लिए एक समिति का भी गठन किया गया है।’’
भाषा
रवि कांत नेत्रपाल
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