केरल: बाल यौन शोषण सामग्री मिलने पर दो छात्रों के खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला दर्ज
केरल: बाल यौन शोषण सामग्री मिलने पर दो छात्रों के खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला दर्ज
कोच्चि, आठ सितंबर (भाषा) केरलम के कोच्चि में शिक्षकों और छात्राओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने के मामले में गिरफ्तार दो कॉलेज छात्रों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि छात्रों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बाल यौन शोषण सामग्री मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त एस. कलिराज महेश कुमार ने बताया कि यह सामग्री थ्रिक्काकरा स्थित भारत माता कॉलेज के बीबीए लॉजिस्टिक्स के द्वितीय वर्ष के छात्र श्रीहरि और एक अन्य छात्र सनीश के मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिली।
उन्होंने बताया कि दोनों को भारत माता कॉलेज के शिक्षकों और छात्राओं की कथित रूप से छेड़छाड़ कर तैयार की गई अश्लील तस्वीरें और वीडियो प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी ‘टेलीग्राम’ पर एक सशुल्क समूह के सदस्य थे, जहां ऐसी तस्वीरें और वीडियो पैसों के बदले कथित तौर पर साझा किए जाते थे। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “प्रीमियम समूह बनाने के पीछे उनका उद्देश्य ऐसी तस्वीरों और वीडियो के जरिए पैसा कमाना था।”
पुलिस के अनुसार, श्रीहरि को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था, जबकि सनीश को एक दिन पहले पकड़ा गया।
कुमार ने बताया कि टेलीग्राम समूह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी उनकी भूमिका और जुटाए गए सबूतों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि इस मामले के सिलसिले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने बताया, “हो सकता है कि कुछ लोग गलती से या समूह के उद्देश्य के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण इसमें शामिल हो गए हों। हमें जो भी सबूत मिलेंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस के अनुसार, श्रीहरि से जब्त उपकरणों की प्रारंभिक जांच में उसके सहपाठियों और शिक्षकों की छेड़छाड़ कर बनाई गई तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।
दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, श्रीहरि 2025 से कॉलेज के शिक्षकों और छात्रों की तस्वीरें और वीडियो कथित रूप से बना रहा था।
प्राथमिकी के मुताबिक, वह इन तस्वीरों व वीडियो में छेड़छाड़ कर उन्हें अश्लील सामग्री में बदल देता था और फिर ‘टेलीग्राम’ तथा ‘इंस्टाग्राम’ पर अपलोड करता था, जहां उन्हें विभिन्न समूहों में कथित तौर पर साझा किया जाता था।
भाषा जितेंद्र अविनाश
अविनाश

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