राज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर दिल्ली रवाना हुए योगी आदित्यनाथ, चुनाव में हारे केशव प्रसाद मौर्य को मिल सकती है मोदी कैबिनेट में जगह

ज्यपाल को इस्तीफा सौंपकर दिल्ली रवाना हुए योगी आदित्यनाथ! Keshav Prasad Maurya may Become As Minister in Modi Cabinet

Edited By: , March 11, 2022 / 08:24 PM IST

रिपोर्ट- विजय दीक्षित, लखनऊ: Keshav Prasad Maurya  राजधानी लखनऊ में आज का दिन हैट्रिक जैसा रहा। ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले योगी आदित्यनाथ को पूरे दिन बधाइयों का सिलसिला बरकरार रहा। शाम को अपने निवास पर मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक बुलाकर उन्होंने राजभवन में अपनी सरकार का इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद योगी यूपी के प्रभारी सुनील बंसल केशव मौर्य डॉ दिनेश शर्मा और अपने अन्य सहयोगियों के साथ दिल्ली रवाना हो गए, जहां वे नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जय प्रकाश नड्डा और राजनाथ सिंह से मिलकर नए मंत्रिमंडल के आकार और उसमें लिए जाने वाले अपने सहयोगियों के बारे में चर्चा करेंगे। माना जा रहा है प्रधानमंत्री मोदी स्वयं केंद्रीय मंत्रियों के साथ लखनऊ में योगी मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। उधर मायावती ने अपनी हार स्वीकार कर ली है और आगे संघर्ष करने का नया मंत्र अपने वर्कर्स को दिया है। प्रियंका गांधी वाड्रा और सपा की सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी अपनी हार को स्वीकार करते हुए वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में वर्कर्स से जुट जाने को कहा है।

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Keshav Prasad Maurya  आज योगी को मध्य प्रदेश से लेकर 14 अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने बधाई दी और भाजपा की सरकार बनने के लिए मोदी योगी की जोड़ी को श्रेय दिया। संकेत है कि चुनाव हारने वाले डिप्टी सीएम केशव मौर्य को राज्यसभा भेज कर मोदी कैबिनेट में स्थान दिया जा सकता है। वहीं लगातार सबसे ज्यादा बार जीत दर्ज करने वाले शाहजहांपुर के विधायक सुरेश खन्ना को यूपी विधानसभा का नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। योगी और उनका मंत्रिमंडल कब शपथ ग्रहण करेगा इसका फैसला आज रात तक हो जाना है। माना जा रहा है कि होली के पहले असवा होली के बाद इस शनिवार या अगले शनिवार योगी आदित्यनाथ को शपथ दिलाई जा सकती है।

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इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन पल्लवी पटेल ने केशव मौर्या को हराया और मौर्या सहित योगी मंत्रिमंडल के 10 मंत्री को जनता ने रिजेक्ट कर दिया। जिन 10 लोगों को एक लाख से 215000 वोट की मार्जिन से विजय मिली, उनमें योगी का नंबर टॉप 10 में सबसे नीचे है। जबकि सर्वप्रथम 215000 वोट से जीतने वाले साहिबाबाद के भाजपा उम्मीदवार सुनील शर्मा हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह दोबारा विधायक बनने में सफल रहे और उनके जीत का अंतर 1 लाख 80000 मतों का रहा। पूरे चुनाव में यूपी के 24 ऐसे जिले हैं जिसमें बीजेपी ने सभी दलों को पछाड़ा और उसे क्लीन स्वीप मिली, तो अखिलेश यादव की सपा ने 4 जिलों में सभी भाजपा उम्मीदवारों का सफाया कर दिया।

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वहीं, योगी के गढ़ कि 27 सीटों में से 26 बीजेपी को मिली। पहली बार बसपा जैसे क्षत्रप नेताओं का सफाया हुआ। संजय निषाद अनुप्रिया पटेल और ओमप्रकाश राजभर जैसे क्षत्रप नेता बाजी मारने में सफल रहे। राजे रजवाड़ों का युग अंतिम दौर पर है और अमेठी के राजा संजय सिंह और प्रयागराज के बरांव कि राजा कि राजा उज्जवल रमण सिंह अपने विरासत सीट को बचाने में विफल हुए। केवल मनकेश्वर सिंह और रघुराज प्रताप सिंह बड़ी मुश्किल से चुनाव जीत पाए। रायबरेली और अमेठी जैसी सीट पर भाजपा का परचम लहराया। बीजेपी 3 फ़ीसदी वोट ज्यादा पाई, सपा का मत प्रतिशत सबसे ज्यादा बढ़ा। कॉन्ग्रेस 4 फ़ीसदी कम वोट पाकर 2:30 प्रतिशत पर आ टिकी। BSP सिकुड़ कर 13 प्रतिशत पर आ गई। अबकी चुनाव जाति के नाम पर नहीं लड़ा जा सका और यह चुनाव बुलडोजर मतलब कानून व्यवस्था। लाभार्थी मतलब 15 करोड़ लोगों को यूपी में लाभ विभिन्न योजनाओं का मिला। मोदी योगी की जोड़ी वह भी जादुई जोड़ी जिसमें काम करके पब्लिक को संतुष्ट करना कारण बना।

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