खरगे ने पीएम को लिखा पत्र, परिसीमन संबंधी विधेयक पर सर्वदलीय बैठक की मांग की

खरगे ने पीएम को लिखा पत्र, परिसीमन संबंधी विधेयक पर सर्वदलीय बैठक की मांग की

खरगे ने पीएम को लिखा पत्र, परिसीमन संबंधी विधेयक पर सर्वदलीय बैठक की मांग की
Modified Date: July 16, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: July 16, 2026 3:49 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विधेयक को लेकर सरकार के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।

खरगे ने पत्र में कहा कि इस साल मार्च और अप्रैल में उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू को कई बार पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि केंद्र सरकार परिसीमन और उससे जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाए।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश उनके इन अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया गया।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि इसके बाद संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए इस साल 17 अप्रैल को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं हो सका।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कुछ खबरों से उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्र सरकार अब आगामी मानसून सत्र के दौरान संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का संशोधित संस्करण फिर से संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है।

खरगे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया, ‘‘सरकार के परिसीमन आदि से संबंधित संशोधित प्रस्तावों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की कृपा करें तथा उन्हें संसद में प्रस्तुत किए जाने से पूर्व उनका विस्तार से अध्ययन करने के लिए हमें पर्याप्त समय प्रदान करें।’’

उल्लेखनीय है कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य महिला आरक्षण को 2029 से लागू करना और लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन तथा लोकसभा सीटों की संख्या में बदलाव का रास्ता साफ करना था। यह संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका था।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस परिसीमन विधेयक का पुरजोर विरोध जारी रखेगी और विपक्षी एकजुटता बनाए रखने का प्रयास भी करेगी।

उन्होंने दावा किया कि सरकार को लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल होने की गुंजाइश नहीं है।

भाषा हक हक नरेश

नरेश


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