मेघालय में खासी, गारो को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलेगा: मुख्यमंत्री संगमा

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मेघालय में खासी, गारो को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलेगा: मुख्यमंत्री संगमा

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  • Publish Date - April 16, 2026 / 10:43 PM IST,
    Updated On - April 16, 2026 / 10:43 PM IST

शिलांग, 16 अप्रैल (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने बृहस्पतिवार को कहा कि कैबिनेट ने अंग्रेजी के अलावा खासी और गारो को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया कि मेघालय राजभाषा अध्यादेश, 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। यह अध्यादेश मेघालय राज्य भाषा अधिनियम, 2005 को निरस्त करेगा।

नए अध्यादेश के तहत, खासी और गारो का उपयोग आधिकारिक सरकारी संचार में किया जा सकता है, जो राज्य की अपनी भाषाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संगमा ने कहा कि विधायी कार्यवाही में खासी और गारो के उपयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए मेघालय राज्य विधानमंडल (अंग्रेजी भाषा की निरंतरता) अधिनियम, 1980 सहित प्रासंगिक कानूनों में भी आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ‘एक बार ये संशोधन लागू हो जाने के बाद, विधायक विधानसभा सत्र के दौरान अंग्रेजी के साथ-साथ खासी और गारो का भी इस्तेमाल कर सकेंगे और इन दोनों भाषाओं में भी बहस में भाग ले सकेंगे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय राज्य में आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में खासी और गारो को धीरे-धीरे शामिल करने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश