कोलकाता, 20 अगस्त (भाषा) कोलकाता पुलिस ने निजी बैंक के अधिकारी बनकर ठगी करने वाले जालसाजों का शिकार हुए एक व्यक्ति के 15.96 लाख रुपये बरामद कर उसे वापस कर दिए हैं।
एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि निजी बैंक के अधिकारी बनकर ठगी करने वाले जालसाजों ने एक व्यक्ति से फोन कॉल और व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए संपर्क कर उसके साथ धोखाधड़ी की। पीड़ित को 15,96,028 रुपये का नुकसान हुआ, जिसे कोलकाता पुलिस ने बरामद कर उसे वापस कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि जालसाजों ने कथित तौर पर कॉल-फॉरवर्डिंग सेटिंग में बदलाव कर पीड़ित के बैंक खाते तक पहुंच बनाई और पैसे निकाल लिए।
उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत पांच अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पैसों के लेनदेन का पता लगाना शुरू किया।
अधिकारी के अनुसार, उत्तर संभाग के साइबर सेल के श्यामपुकुर थाने के अधिकारियों ने लेनदेन का पता लगाकर ठगी गई पूरी राशि के स्थानांतरण को रोकने में सफलता हासिल की।
उन्होंने कहा कि ठगी की तुरंत शिकायत किए जाने से राशि को कई खातों के जरिए आगे स्थानांतरित होने से रोका जा सका।
अधिकारी ने कहा, ‘‘साइबर ठगी के मामलों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। समय पर शिकायत मिलने से हमारे अधिकारियों को लेनदेन का पता लगाने और पूरी राशि को आगे निकाले जाने से पहले रोकने में मदद मिली।’’
उन्होंने बताया कि शहर की एक अदालत के आदेश के बाद 18 अगस्त को पीड़ित को 15,96,028 रुपये की पूरी राशि वापस कर दी गई।
पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे बैंक अधिकारी होने का दावा करने वाले अनजान लोगों के फोन या वीडियो कॉल से सतर्क रहें और किसी भी व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, एक बार इस्तेमाल होने वाला पासवर्ड (ओटीपी) या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें।
भाषा
नरेश
नरेश