ऋण निगरानी में उचित प्रशिक्षण का अभाव धोखाधड़ी के कारणों में से एक: सीवीसी ने बैंकों से कहा

ऋण निगरानी में उचित प्रशिक्षण का अभाव धोखाधड़ी के कारणों में से एक: सीवीसी ने बैंकों से कहा

ऋण निगरानी में उचित प्रशिक्षण का अभाव धोखाधड़ी के कारणों में से एक: सीवीसी ने बैंकों से कहा
Modified Date: August 4, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: August 4, 2026 4:04 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने कहा है कि ऋण मूल्यांकन और उसकी निगरानी में उचित प्रशिक्षण का अभाव धोखाधड़ी के मामलों के सामने आने के प्रमुख कारणों में से एक है। आयोग ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को इसे रोकने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी है।

सीवीसी ने यह बात 26 अक्टूबर से मनाए जाने वाले ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के संबंध में जारी एक परिपत्र में कही। इसका उद्देश्य निवारक सतर्कता पहलों के माध्यम से लोक प्रशासन में जागरूकता बढ़ाना और ईमानदारी को बढ़ावा देना है।

सीवीसी के तीन अगस्त के परिपत्र के अनुसार, इस वर्ष सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से एक नवंबर, 2026 तक ‘समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा’ विषय पर मनाया जाएगा।

आयोग ने कहा कि इस संबंध में सभी संगठनों को 17 अगस्त से 16 नवंबर तक तीन महीने का निवारक सतर्कता अभियान चलाने की सलाह दी गई है। उसने कहा कि इस अभियान में ‘लंबित शिकायतों के निपटारे’, ‘लंबित मामलों के निपटारे’, ‘क्षमता निर्माण कार्यक्रमों’, ‘डिजिटल पहलों’ और ‘अनुबंध प्रबंधन’ पर विशेष ध्यान दिया जाए।

क्षमता निर्माण कार्यक्रम से जुड़ी पहल का विवरण देते हुए सीवीसी ने कहा कि बैंकिंग एवं वित्तीय धोखाधड़ी सलाहकार बोर्ड (एबीबीएफएफ) ने ‘धोखाधड़ी की कार्यप्रणाली और मूल कारणों का विश्लेषण’ नाम से एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें 20 मामलों का अध्ययन शामिल है।

सीवीसी ने कहा, ‘एबीबीएफएफ ने पाया है कि ऋण मूल्यांकन और ऋण निगरानी में उचित प्रशिक्षण का अभाव धोखाधड़ी होने के कारणों में से एक है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और वित्तीय संस्थान इन मामलों के अध्ययन के माध्यम से इन पहलुओं पर जोर देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।’

परिपत्र में कहा गया कि सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित सभी पक्षों की सक्रिय भागीदारी हो, ताकि अभियान अवधि के दौरान उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए जा सकें।

सीवीसी ने कहा कि अभियान अवधि में की जाने वाली इन पांच निवारक सतर्कता पहलों के संबंध में कार्रवाई रिपोर्ट सभी मुख्य सतर्कता अधिकारियों को 30 नवंबर तक आयोग को भेजनी होगी।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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