लेह/जम्मू, 24 जून (भाषा) वायु सेना द्वारा चिंता जताए जाने के बाद लद्दाख प्रशासन ने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे दोहरे उपयोग वाले हवाईअड्डे समेत लेह के संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करें।
वायु सेना ने सोशल मीडिया मंचों पर परिचालन वाले इलाकों की तस्वीरें और वीडियो के बढ़ते प्रसार पर चिंता जताई है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वायु सेना स्टेशन, लेह द्वारा उठाए गए परिचालन, बुनियादी ढांचा और हवाई सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों की समीक्षा के लिए लद्दाख नागरिक उड्डयन विभाग की प्रशासनिक सचिव निधि मलिक की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक में ये निर्देश जारी किए गए।
उन्होंने बताया कि मलिक ने संबंधित एजेंसियों को मौजूदा नियमों के अनुपालन को और मजबूत करने, प्रतिबंधित क्षेत्रों के बारे में जन-जागरूकता अभियान शुरू करने और उचित एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया।
इन मुद्दों को उपराज्यपाल के कार्यालय को भेजे गए एक पत्र में उठाया गया।
बैठक में, वायु सेना के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित दूसरे रनवे, हवाई क्षेत्र की सुरक्षा, दुर्गम क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों और उड़ान संचालन पर बुरा असर डालने वाली भौतिक बाधाओं को हटाने की जरूरत के बारे में जानकारी दी।
मलिक ने सीमा सड़क संगठन, राजस्व विभाग और दूसरी तकनीकी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे चिन्हित जगहों का सर्वेक्षेण करें और तकनीकी आंकलन व अग्रिम कार्रवाई के लिए सुझावों वाली रिपोर्ट सौंपें।
बैठक में संवेदनशील वायु सेना ठिकानों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और निगरानी बुनियादी ढांचा से जुड़ी चिंताओं की भी समीक्षा की गई।
भाषा शफीक प्रशांत
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