लद्दाख हिंसा: पूर्व विधायक समेत दो कांग्रेस नेताओं को करीब सात महीने की हिरासत के बाद रिहा किया गया

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लद्दाख हिंसा: पूर्व विधायक समेत दो कांग्रेस नेताओं को करीब सात महीने की हिरासत के बाद रिहा किया गया

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 10:29 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 10:29 PM IST

लेह, 18 अप्रैल (भाषा) लेह में सितंबर 2025 में हुई हिंसा के सिलसिले में लगभग सात महीने जेल में बंद रहे एक पूर्व विधायक सहित दो कांग्रेस नेताओं को शनिवार को रिहा कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व विधायक डेलदान नामग्याल और लेह जिला परिषद के पार्षद स्मानला दोरजे को शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने जमानत दे दी थी।

दोनों नेताओं का जेल से बाहर आते ही लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पारंपरिक स्वागत किया।

लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी), कारगिल लोकतांत्रिक गठबंधन (केडीए) के साथ मिलकर लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों सहित कई मांगों को लेकर केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहा है।

लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल लोकतांत्रिक गठबंधन लेह में 24 सितंबर की हिंसा के बाद से दोनों नेताओं की रिहाई के लिए लगातार दबाव बना रहा था।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के एक महीने से अधिक समय बाद दोनों नेताओं की रिहाई हुई।

वांगचुक को केंद्र सरकार द्वारा तत्काल प्रभाव से जोधपुर केंद्रीय जेल से रिहा कर दिया गया था।

लेह जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के तहत वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के अंतर्गत हिरासत में लिया गया था।

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश