लद्दाख अनुच्छेद 371 के तहत नए संवैधानिक सुरक्षा ढांचे पर कर रहा काम: मुख्य सचिव
लद्दाख अनुच्छेद 371 के तहत नए संवैधानिक सुरक्षा ढांचे पर कर रहा काम: मुख्य सचिव
लेह/जम्मू, 22 सितंबर (भाषा) लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश की खास जरूरतों के हिसाब से संवैधानिक सुरक्षा देने के लिए अनुच्छेद 371 के तहत एक नया ढांचा तैयार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने नागरिक संस्था के सदस्यों के साथ एक परामर्श बैठक में कहा, ‘‘लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए एक नया मॉडल तैयार किया जा रहा है, जो देश में कहीं और मौजूद नहीं है। इस मसौदे पर अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रस्तावित अगली बैठक (लद्दाख के प्रतिनिधियों और गृह मंत्रालय के बीच) में चर्चा की जाएगी।’’
केंद्र ने लद्दाख को विशेष सुरक्षा उपाय प्रदान करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 371 में एक नया अध्याय ‘के’ जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, कुंद्रा ने लेह में केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े अहम प्रशासनिक, विकासात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की। इन मुद्दों में संवैधानिक सुरक्षा, जमीन के अधिकार, रोजगार, संस्कृति, पर्यावरण, शिक्षा, मादक पदार्थों के इस्तेमाल और जनहित के अन्य मामले शामिल थे।
बैठक को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा की आवश्यकता पर व्यापक सहमति है।
उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण बात यह है कि लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा जरूरी है। इस सुरक्षा में हमारी जमीन, रोजगार, संस्कृति, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन शामिल होने चाहिए।’’
केंद्र और लद्दाख के बीच हुई बातचीत का जिक्र करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश स्तर के प्रस्तावित निकाय के लिए सीधे चुनाव कराना चर्चा से सामने आए प्रमुख सुझावों में शामिल है। उन्होंने कहा कि ढांचे पर सहमति बनने के बाद संसद में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन पर विचार सहित आगे के कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रस्तावित निकाय की शक्तियों, कार्यों और संस्थागत व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत प्रावधान करने के लिए बाद में एक अलग कानून की आवश्यकता होगी।
लद्दाख के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आनंद जैन ने मादक पदार्थों से जुड़े मुद्दों पर पुलिस की ओर से प्रस्तुति दी और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने में नागरिक संस्था के सदस्यों से सहयोग मांगा।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत

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