‘लाल थनहवला’: मिजोरम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता की जीवनी 27 अगस्त को जारी होगी

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'लाल थनहवला': मिजोरम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता की जीवनी 27 अगस्त को जारी होगी

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 07:22 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) लेखक-पत्रकार संजय हजारिका की आगामी किताब मिजोरम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे लाल थनहवला के जीवन और राज्य के राजनीतिक बदलाव की कहानी बयां करती है। प्रकाशक वेस्टलैंड बुक्स ने सोमवार को यह जानकारी दी।

दो साल में किए गए सैकड़ों साक्षात्कारों और दुर्लभ अभिलेखीय सामग्री पर आधारित किताब ‘लाल थनहवला: द बॉय फ्रॉम जारकावत एंड द मेकिंग ऑफ मिजोरम’ उनके जीवन के जरिए मिजोरम के उथल-पुथल भरे राजनीतिक विकास का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है।

यह किताब 27 अगस्त को बाजार में आएगी।

हजारिका ने एक बयान में कहा, “‘द बॉय फ्रॉम जारकावत’ एक ऐसी दिलचस्प कहानी है, जो मुझे लंबे समय से आकर्षित करती रही है। मैं भारत की पूर्वी सीमा पर स्थित दूरदराज के क्षेत्र के रंग, घटनाक्रम और चुनौतियों को व्यापक भारतीय पाठकों तक पहुंचाना चाहता था। यह एक छोटे से राज्य के समकालीन इतिहास को उसके सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नेता की नजर से देखने जैसा है।”

उन्होंने कहा, “लाल थनहवला एक आकर्षक राजनीतिक व्यक्तित्व थे। वह भारत विरोधी आंदोलन का हिस्सा रहे, सत्ता तक पहुंचे और फिर उस आंदोलन से मुंह मोड़ लिया…कौन सा राजनेता ऐसा करता है?-उग्रवाद समाप्त करने के लिए।”

किताब में थनहवला के भारत विरोधी आंदोलन में शामिल होने से लेकर ऐसे नेता के रूप में उनके बदलाव की कहानी है, जिसने उग्रवाद को खत्म करने में भूमिका निभाई।

इसमें ब्रिटिश राज के दौर से लेकर वर्तमान समय तक मिजोरम की यात्रा का भी वर्णन है। राज्य के गठन और उग्रवाद से शांति की ओर उसके बदलाव को आकार देने वाली राजनीतिक ताकतों, व्यक्तित्वों, आंदोलनों और वार्ताओं की किताब में पड़ताल की गई है।

हजारिका की इससे पहले प्रकाशित किताबों में ‘भोपाल: लेसंस ऑफ ए ट्रेजेडी’, ‘द स्ट्रेंजर्स ऑफ द मिस्ट’, ‘स्ट्रेंजर्स नो मोर’ और ‘राइटिंग ऑन द वॉल’ शामिल हैं।

उन्हें कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें 2023 का ‘रोटरी अवॉर्ड फॉर पीस राइटिंग’ शामिल है। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय और टफ्ट्स विश्वविद्यालय में फेलोशिप भी कर चुके हैं।

‘लाल थनहवला’ किताब की कीमत 799 रुपये है और यह फिलहाल ऑनलाइन प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश