नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) सरकार ने सोमवार को लोकसभा को बताया कि आईआईटी-दिल्ली के हरियाणा के झज्जर जिले में विस्तारित परिसर के लिए निर्धारित 50 एकड़ भूमि की मिट्टी की जांच में जमीन निर्माण के लिए अनुपयुक्त पाई गई।
शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि मिट्टी की जांच में यह पता चला कि भूमि बहुत कमजोर और जलभराव वाली है, जो निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हरियाणा के झज्जर में आईआईटी-दिल्ली के एक विस्तारित परिसर का प्रस्ताव किया गया था। हालांकि, उस स्थान पर किये गए तकनीकी सर्वेक्षण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि स्थलाकृति और जलभराव के कारण भूमि की भार वहन क्षमता बहुत कम है।’’
उन्होंने कहा कि इस तरह यह जमीन आईआईटी-दिल्ली के विस्तारित परिसर के निर्माण की आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकती।
वर्ष 2022 में घोषित आईआईटी-दिल्ली के झज्जर परिसर को कैंसर के उपचार और चिकित्सा उपकरण प्रौद्योगिकियों के लिए रोगी-विशिष्ट औषधि विकास के लिए देश में अपनी तरह के पहले अनुसंधान और विकास केंद्र के रूप में परिकल्पित किया गया था।
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