तेलंगाना सरकार और एसबीआई के बीच भूमि विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान
तेलंगाना सरकार और एसबीआई के बीच भूमि विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान
हैदराबाद, 28 जून (भाषा) तेलंगाना सरकार और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच हैदराबाद स्थित एक भूखंड को लेकर जारी विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकल आया है।
राज्य सरकार और एसबीआई के प्रतिनिधियों के बीच 22 जून को हुई बैठक के क्रम में शनिवार को फिर से वार्ता हुई।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार बैठक में राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने अधिकारियों का नेतृत्व किया।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, एसबीआई के अधिकारियों ने 23 जून को सरकार द्वारा वैकल्पिक भूमि के लिए सुझाए गए स्थानों का निरीक्षण किया जिसके बाद बैंक ने सरकार के वैकल्पिक प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया।
एसबीआई के अधिकारियों ने कहा कि अब आगे की कार्रवाई बैंक के निदेशक मंडल की मंजूरी मिलने के बाद की जाएगी।
विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘ मामले में आवश्यक कदम न्यायालय में जारी कार्यवाही के अनुरूप उठाए जाएंगे। चर्चा के बाद एसबीआई और राज्य सरकार इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण एवं पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर पहुंच गए हैं। आवश्यक वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मामले का शीघ्र निपटारा कर दिया जाएगा।’’
दोनों पक्षों के बीच विवाद का मुख्य कारण हैदराबाद के रायदुर्ग क्षेत्र में स्थित पांच एकड़ भूमि थी।
मामले के अनुसार 2010 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने एसबीआई के कॉर्पोरेट मुख्यालय के निर्माण के लिए यह जमीन बैंक को आवंटित की थी।
हालांकि, एसबीआई ने वहां मुख्यालय का निर्माण नहीं किया। इसके बाद तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (टीजीआईआईसी) ने इस भूमि की नीलामी की, जिसमें प्रति एकड़ 200 करोड़ रुपये से अधिक की बोली प्राप्त हुई।
इस कदम के खिलाफ एसबीआई ने अदालत का रुख किया। तेलंगाना उच्च न्यायालय से नीलामी प्रक्रिया पर स्थगन आदेश मिलने के बाद राज्य सरकार ने अपने सभी सरकारी खाते एसबीआई से हटाने की कथित तौर पर चेतावनी दी थी।
हालांकि, 22 जून को शुरू हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध समाप्त हो गया और अब विवाद का समाधान आपसी सहमति से निकल आया है।
भाषा शोभना सिम्मी
सिम्मी

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