अरुणाचल में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई, एक की मौत, चार लापता

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अरुणाचल में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ आई, एक की मौत, चार लापता

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 10:07 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 10:07 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

ईटानगर, 24 जून (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के केयी पन्योर जिले में बुधवार को मूसलाधार बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लापता हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में 17 अन्य लोग घायल हुए हैं और कम से कम 18 मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क टूट गया है और कई यात्री रास्ते में ही फंस गए हैं।

केयी पन्योर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंगद मेहता ने बताया कि विनाशकारी बाढ़ के बाद चलाए गए तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान याज़ाली में नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (नीपको) परिसर स्थित विवेकानंद केंद्र विद्यालय (वीकेवी) की शिक्षिका निर्मला गुप्ता (35) का शव बरामद कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि रात होने के कारण बुधवार का बचाव अभियान रोक दिया गया है, जिसे बृहस्पतिवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा

राज्य आपदा प्रबंधन सचिव दानी सुलू ने बताया कि गुप्ता उन पांच लोगों में शामिल थीं, जो याज़ाली सर्कल के तहत पूसा के पास ‘नीपको’ परियोजना कॉलोनी से लापता हो गए थे। उन्होंने बताया कि बाकी लापता लोगों की पहचान एलेश मराक (13), बालारी मराक (30), ताओ अंजीना (46) और सौरभ कुमार के रूप में हुई है।

सुलू ने बताया कि 17 घायलों में से तीन की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए लोअर सुबनसिरी जिले के ‘ज़िरो’ ले जाया गया है।

अधिकारी ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार ढह गई, जिससे कॉलोनी और आसपास के निचले आवासीय क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में पानी भर गया।

उन्होंने बताया कि इस घटना में कम से कम 18 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

पुलिस ने बताया कि जिला पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों ने याज़ाली जलाशय से बिशु सिन्हा नामक व्यक्ति को सुरक्षित निकाला, जबकि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के एक वैज्ञानिक को इस आपदा से प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के एक हिस्से से बचाया गया।

अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने संबंधित अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी), पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और क्षेत्राधिकारी को नुकसान का आकलन करने और बचाव कार्यों में समन्वय स्थापित करने के लिए तत्काल प्रभावित स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा, “राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की एक टीम को तैनात कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को सतर्क कर दिया गया है और उसकी टीम राहत एवं बचाव कार्यों में सहायता के लिए प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो चुकी है।”

सुलू ने बताया कि भारतीय वायुसेना के एक हेलीकॉप्टर ने पीटापूल के पास एसडीआरएफ के जवानों और रबर की एक नाव को उतारा है। इसके साथ ही याज़ाली क्षेत्र में उपलब्ध सभी रिजर्व कर्मियों और वाहनों को काम पर लगा दिया गया है, जबकि आपातकालीन अभियानों में सहायता के लिए पूर्व सैनिकों को भी बुलाया गया है।

सुलू ने बताया कि राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग ने भारतीय वायुसेना से बचाव अभियान चलाने और ईटानगर से केयी पन्योर तक एसडीआरएफ के जवानों एवं सामग्रियों को हवाई मार्ग से पहुंचाने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, “वायुसेना की हवाई सहायता टीम, खराब मौसम की स्थिति के बावजूद होलोंगी पहुंची और वहां से एसडीआरएफ की टीम तथा सामग्रियों को छोड़ने के लिए पीटापूल की ओर उड़ान भरी। आगे की आवश्यकताओं को देखते हुए इस तरह के अन्य हवाई सहायता अभियानों की भी योजना बनाई गई है।”

सचिव ने बताया कि एहतियात के तौर पर नीपको ने पन्योर लोअर पनबिजली परियोजना के जलाशय से पानी छोड़ना शुरू कर दिया है और इस परियोजना में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश के कारण जिले में सड़क संपर्क भी बाधित हुआ है, जहां पोतिन और होज के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के तीन हिस्से भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे कई लोग रास्ते में फंस गए हैं।

केयी पन्योर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंगद मेहता ने एक बयान में बताया कि भारी बारिश के कारण मानसून जनित व्यवधानों की वजह से केयी पन्योर, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले और अपर सुबनसिरी सहित कम से कम छह जिलों का संपर्क टूट गया है।

भाषा

सुमित प्रशांत

प्रशांत