(फाइल फोटो के साथ)
जयपुर, 26 मार्च (भाषा) पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राजस्थान में कानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो जाने का दावा करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में अपराध कम दिखे, इसके लिए आंकड़ों की ‘जादूगरी’ की जा रही है।
कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने यहां मीडिया से से कहा,‘‘कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चौपट हो चुकी है। हाल में नदबई में भी एक हत्या हुई है। आख़िर ये लोग और कितनी हत्याएं करवाएंगे? मुझे समझ में ही नहीं आता कि सरकार आखिर समझ क्यों नहीं पा रही है।’’
विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘एक ही महीने में पांच-सात हत्याएं हो चुकी हैं। राजस्थान में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।’’
उन्होंने कहा कि आज गांवों में अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न की जो घटनाएं हो रही हैं, उनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती, कई मामलों की जानकारी बाहर नहीं आ पाती है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में प्राथमिकी दर्ज कराना अनिवार्य किया गया था लेकिन इसे मौजूदा सरकार ने समाप्त कर दिया, ऐसे में सही स्थिति का पता ही नहीं चल पाता।
उन्होंने कहा, ‘‘आंकड़ों की जादूगरी की जा रही है ताकि कम से कम मामले सामने आएं ।’’
मौजूदा सरकार द्वारा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डालने को लेकर सोशल मीडिया पर सीरीज ‘इंतजारशास्त्र’ के बारे में गहलोत ने कहा,‘‘ हमने यह जो अभियान चलाया है, वह सरकार पर दबाव के लिए है।’’
पश्चिम एशिया के संकट पर गहलोत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति बड़ी नाजुक है। उन्होंने कहा,‘‘अब जो स्थिति बनी है, उसमें पाकिस्तान पंचायती कर रहा है। बताइए, पाकिस्तान की क्या हैसियत है? … उसके बावजूद भी वह समझौते कराने की बात कर रहा है?’’
राजसमंद में कुछ गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने के मामले में एक विधायक के बेटे का नाम कथित तौर पर सामने आने के मुद्दे पर गहलोत ने कहा,‘‘जब से यह सरकार बनी है तब से मंत्रियों के बेटों को, पता नहीं, किस प्रकार प्रोत्साहन दिया जा रहा होगा।’’
उन्होंने कहा,‘‘ मंत्रियों को चाहिए कि वे अपने बेटों को दूर रखें। अगर आप उसे सरकार के पास रखेंगे, तो आपको मालूम नहीं पड़ेगा कि वे आपको कब बदनाम करवा रहा हैं। ऐसे में आपकी, सरकार की बदनामी होगी।’’
भाषा पृथ्वी राजकुमार
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