राष्ट्रीय शर्करा संस्थान परिसर में 600 पेड़ों की अवैध कटाई, निदेशक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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राष्ट्रीय शर्करा संस्थान परिसर में 600 पेड़ों की अवैध कटाई, निदेशक सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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  • Publish Date - June 5, 2026 / 12:56 AM IST,
    Updated On - June 5, 2026 / 12:56 AM IST

कानपुर (उप्र), चार जून (भाषा) कानपुर स्थित राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) परिसर में कथित तौर पर करीब 600 पेड़ों की कटाई के मामले में निदेशक समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर कल्याणपुर पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है और एनएसआई की निदेशक सीमा परोहा, निजी सुरक्षा कमांडर उदय प्रताप सिंह राठौड़, संपत्ति अधिकारी विनय कुमार, फार्म मैनेजर अशोक कुमार और अनवरगंज के मेसर्स तिवारी वुड मर्चेंट के अलावा कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने बताया कि क्षेत्रीय वन अधिकारी राकेश पांडे की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। उसने बताया कि पांडे ने तहरीर दी है कि संस्थान परिसर के गेट नंबर 5 के पास अनिवार्य अनुमति के बिना बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई।

एफआईआर में कहा गया है कि कथित अवैध कटाई कर्मचारी संगठनों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद सामने आई। 27 मई को परिसर का दौरा करने वाली वन विभाग की एक टीम कथित तौर पर निरीक्षण किए बिना लौट आई क्योंकि सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सूचित किया कि निदेशक की मंजूरी के बिना प्रवेश नहीं दिया जा सकता है।

वन अधिकारियों ने बाद में दो जून को निदेशक की उपस्थिति में मौके का मुआयना किया और कथित तौर पर ऐसे सबूत पाए जो संकेत देते हैं कि पेड़ों को कई महीनों में काटा गया था और लकड़ी को रात के दौरान हटा दिया गया था।

प्राथमिकी के मुताबिक, 655 पूर्ण विकसित पेड़ और 67 बौने ओलियंडर पौधे काटे गए। कथित तौर पर काटी गई प्रजातियों में नीम, शीशम, नीलगिरी, गुलमोहर, गूलर, सिरिस आदि प्रजाति के पेड़ शामिल हैं।

वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों को 377 पेड़ों के अवशेष मिले जो लगभग छह महीने पुराने थे, जबकि लगभग 250 पेड़ों को कथित तौर पर जेसीबी मशीनों का उपयोग करके उखाड़ दिया गया था।

कल्याणपुर के सहायक पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की और कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘मामले से जुड़े सभी तथ्यों और पहलुओं की निष्पक्षता से जांच की जाएगी और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’

विवाद के बाद, एनएसआई परिसर में बाहरी लोगों और अज्ञात व्यक्तियों का प्रवेश कथित तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।

भाषा सं जफर धीरज

धीरज