चंडीगढ़, 13 मई (भाषा) पंजाबी अभिनेता व गायक दिलजीत दोसांझ के प्रबंधक के करनाल स्थित आवास के बाहर कथित तौर पर गोलीबारी हुई।
गैंग से जुड़े एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि यह वारदात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के इशारे पर की गई। वहीं, हरियाणा पुलिस ने कहा कि वह मामले में जांच कर रही है।
हालांकि पुलिस ने कहा कि उसे प्रबंधक गुरप्रताप सिंह कांग या उनके परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली।
करनाल के पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र बिजारनिया ने कहा, “परिवार की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है।”
अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम करनाल में कांग के गांव गोंडर पहुंची और शुरुआती जांच के अनुसार वहां से कुछ बरामद नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बिश्नोई के सहयोगियों टायसन बिश्नोई, आरजू बिश्नोई और हरि बॉक्सर ने गोंडर गांव में कांग के घर के बाहर हुई कथित गोलीबारी की जिम्मेदारी ली है।
इस बीच, इस मामले पर आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि दोसांझ ने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उनके प्रबंधक को निशाना बनाया गया।
मान ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीति में आने से प्रख्यात गायक दिलजीत दोसांझ के इनकार के बाद भाजपा ने उन्हें धमकाने की तकरीब आजमाई।”
उन्होंने दावा किया, “तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में अभिनेता विजय की सफलता के बाद भाजपा को आभास हुआ कि कलाकारों की बड़ी जन स्वीकार्यता होती है और इसलिए उसने दिलजीत को राजनीति में लाने की कोशिश की।”
उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, “चूंकि दिलजीत ने भाजपा की पेशकश ठुकरा दी तो उन्हें धमकाने की राजनीति शुरु हो गई, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रबंधक के घर के बाहर हुआ हमला धमकी की इस राजनीति को दिखाता है।”
पंजाब के मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, रवजोत सिंह और हरभजन सिंह ने भी भाजपा को निशाना बनाते हुए ऐसे आरोप लगाए।
‘आप’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा की पंजाब इकाई के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि गायक सिद्धू मुसेवाला की सुरक्षा वापस लेने और इस बात को सार्वजनिक करने वाले आज दिलजीत दोसांझ के बारे में बात कर रहे हैं।
पार्टी ने आरोप लगाया कि मान सरकार में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
आप नेता और राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने दिलजीत दोसांझ के प्रबंधक के घर पर हमला किया है। मैं इसकी निंदा करता हूं।”
उन्होंने कहा, “इससे साफ है कि भाजपा गैंगस्टरों के जरिए कलाकारों और कारोबारियों को डराने की कोशिश कर रही है। उसका पंजाब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।”
इससे पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मंत्री ने कहा, “घटनाक्रम से सबके सामने सब स्पष्ट हो गया है। भाजपा ने दिलजीत दोसांझ को पार्टी में शामिल होने के लिए कहा, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया। कुछ दिन बाद बिश्नोई गिरोह ने एक संदेश देने के लिए उनके प्रबंधक के घर पर हमला कर दिया।”
हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि बिश्नोई मामले में भाजपा न्याय मिलने की हर राह में बाधा डाल रही है।
लोकनिर्माण विभाग मंत्री हरभजन सिंह ने आरोप लगाया, “पंजाब विरोधी भाजपा मूल रूप से गुजरात से संरक्षण रैकेट चला रही है। जैसे ही दिलजीत दोसांझ ने साफ किया कि उनका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं है, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने उनके प्रबंधक को निशाना बनाया।”
कुछ दिन पहले दिलजीत दोसांझ ने स्पष्ट किया था कि वे कभी राजनीति में प्रवेश नहीं करेंगे और वे मनोरंजन के क्षेत्र में ही खुश हैं।
भाषा जोहेब पवनेश
पवनेश