कोच्चि, 24 जनवरी (भाषा) ट्वेंटी20 पार्टी के अध्यक्ष और किटेक्स गारमेंट के प्रबंध निदेशक साबू एम जैकब ने शनिवार को कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) दोनों ने पहले उनकी पार्टी के साथ गठबंधन करने का प्रयास किया था।
वह ट्वेंटी20 के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने के फैसले के बाद आयोजित एक प्रेस वार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले विधानसभा चुनाव के बाद से गठबंधन बनाने के लिए हमसे कई बार बातचीत हुई। पार्टी के भीतर चर्चा के बाद, हमने सामूहिक रूप से किसी भी मोर्चे के साथ सहयोग न करने का निर्णय लिया।’’
जैकब ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के माध्यम से एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल को ‘अनाथालय’ बना दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब इन दुष्ट शक्तियों ने एकजुट होकर हमें खत्म करने की कोशिश की, तो हमें अपने रुख पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’
उन्होंने बताया कि जब 2012 में ट्वेंटी20 किझक्कंबलम एसोसिएशन को एक परमार्थ संगठन के रूप में पंजीकृत किया गया था, तब इसे राजनीतिक दल में बदलने या चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं था।
उन्होंने कहा कि यूडीएफ और एलडीएफ द्वारा कथित तौर पर संगठन की कल्याणकारी गतिविधियों में बाधा डालने के बाद 2013 में राजनीतिक दल का गठन किया गया था।
उन्होंने कहा कि राजग में शामिल होने का निर्णय मौजूदा राजनीतिक स्थिति के आधार पर लिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘जब यूडीएफ, एलडीएफ और एसडीपीआई सहित लगभग 25 पार्टियों ने हमें खत्म करने की कोशिश की, तो हमने प्रतिरोध करने और देश में एक राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने का फैसला किया। यह निर्णय वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।’’
जेकब ने इस बात से इनकार किया कि राजग में शामिल होने का फैसला उनका अकेले का था।
भाषा संतोष माधव
माधव