नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) आमिर खान ने बयान दिया है कि उनकी फिल्म ‘3 इडियट्स’ का किरदार फुनसुख वांगडू जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था। उनके इस बयान पर नेताओं, कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी हैं।
कुछ लोगों ने अभिनेता पर आरोप लगाया है कि वह शिक्षाविद सोनम वांगचुक से दूरी बना रहे हैं, जो अभी भूख हड़ताल पर हैं।
लंदन भारतीय फिल्म महोत्सव में एक सवाल का जवाब देते हुए आमिर खान ने कहा कि जब उन्होंने 2009 में ‘3 इडियट्स’ फ़िल्म बनाई थी, तब न तो उन्हें और न ही निर्देशक राजकुमार हिरानी या पटकथा लेखक अभिजात जोशी को वांगचुक के बारे में जानकारी थी।
खान ने कहा, ‘‘नहीं, असल में ऐसा नहीं है। यह एक गलतफहमी है। जब हम ‘3 इडियट्स’ फिल्म बना रहे थे, तब मुझे माननीय सोनम (वांगचुक) के बारे में जानकारी नहीं थी… वैसे भी, माननीय सोनम जो काम कर रहे हैं, वह अच्छा है। हमें उनका और उनके काम का सम्मान करने के लिए उनके ‘3 इडियट्स’ के किरदार पर आधारित होने की ज़रूरत नहीं है।’’
सोशल मीडिया पर जैसे ही खान की टिप्पणियां प्रसारित हुईं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने उनके स्पष्टीकरण के समय पर सवाल उठाए।
झा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘उन्हें यह बात कहने में सालों लग गए। मुझे तो यह भी याद नहीं कि यह फ़िल्म कितने साल पहले रिलीज हुई थी। अब तक तो सब यही मानते रहे। अब जाकर आपको एहसास हुआ है कि असल में यही बात कही जानी चाहिए थी। इससे पता चलता है कि सरकार के सामने हिम्मत दिखाना कोई आसान काम नहीं है।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य हुसैन दलवई ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि खान ‘इतने डरे हुए’ क्यों हैं।
दलवई ने कहा, ‘‘वह गलत हैं… मुझे नहीं पता था कि वह इतने डरे हुए हैं। आमिर खान मेरे पसंदीदा अभिनेताओं और निर्माताओं में से एक हैं, लेकिन मुझे हैरानी है कि वह इतने डरे हुए हैं। सोनम वांगचुक कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्हें (आमिर को) वांगचुक के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए।’’
अधिवक्ता एवं कार्यकर्ता प्रशांत भूषण ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वांगचुक से जुड़े एक सवाल पर खान का जवाब यह दिखाता है कि ‘‘वह अब उस व्यक्ति की फीकी परछाईं बनकर रह गए हैं, जिन्होंने ‘3 इडियट्स’ और कई अन्य क्रांतिकारी फिल्में बनाई थीं’’।
भूषण ने कहा, ‘‘आखिरकार आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन के बारे में पूछा गया। उनका जवाब विनम्र तो था, लेकिन उसमें कोई खास उत्साह नहीं था। वह अब उस व्यक्ति की फीकी परछाईं बनकर रह गए हैं, जिन्होंने ‘3 इडियट्स’ और कई अन्य क्रांतिकारी फिल्में तथा ‘सत्यमेव जयते’ कार्यक्रम बनाया था।’’
गायक लकी अली ने आमिर के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन वांगचुक का समर्थन किया।
कांग्रेस के पूर्व नेता संजय झा ने भी 62-वर्षीय नेता की टिप्पणी पर तंज कसा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘अब आमिर खान का कहना है कि ‘3 इडियट्स’ में फुनसुख वांगडू का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं है। बिल्कुल सही। ठीक वैसे ही, जैसे 1982 की फिल्म ‘गांधी’ महात्मा गांधी पर आधारित नहीं थी।’’
खान की टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी बड़े पैमाने पर लोगों ने अपनी राय व्यक्त की है और कुछ ने अभिनेता पर वांगचुक से दूरी बनाने का आरोप लगाया।
एक उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘इस आदमी (आमिर) के प्रति सम्मान बिलकुल समाप्त हो गया। एकदम बुज़दिल है।’’
एक और व्यक्ति ने पोस्ट किया, ‘‘सोनम वांगचुक के बारे में पूछे जाने पर आमिर खान का गोल-मोल और टालमटोल वाला जवाब। असल ज़िंदगी के हीरो, जो पर्दे पर तो हीरो होते हैं, असल में कितने कमज़ोर और बुज़दिल साबित होते हैं!’’
एक पोस्ट में लिखा था, ‘‘आमिर खान सच में बहुत बेशर्म आदमी हैं। मुझे सच में समझ नहीं आता कि कोई इन लोगों का प्रशंसक कैसे हो सकता है।’’
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश