वाम दल बंगाल में सही मतदाता सूची की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे

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वाम दल बंगाल में सही मतदाता सूची की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे

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  • Publish Date - March 3, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - March 3, 2026 / 07:24 PM IST

कोलकाता, तीन मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा है कि विभिन्न वाम दल आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सही मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग को लेकर बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे।

मंगलवार को उन्होंने इस प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर लोगों के उत्पीड़न का हवाला देते हुए दावा किया कि ‘निर्वाचन आयोग’ अब ‘निर्जतन (उत्पीड़न) आयोग’ में बदल गया है।

निर्वाचन आयोग ने 28 फरवरी को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें 63.66 लाख नाम हटाए गए, जो राज्य के कुल मतदाताओं का 8.3 प्रतिशत है।

इससे विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं की संख्या घटकर मात्र 7.04 करोड़ रह गई है। इसके अलावा 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है, जिनकी आगामी हफ्तों में जांच की जाएगी।

सलीम ने पूर्व बर्धमान जिले में माकपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर एक सुनियोजित साजिश रची गई है।’’

माकपा नेता ने कहा कि वाम मोर्चे के घटक दल बुधवार को कोलकाता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग से सही मतदाता सूची प्रकाशित करने की मांग करेंगे।

उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभाल रहे निर्वाचन आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया को जटिल बना दिया है और बड़ी संख्या में लोगों को तनावग्रस्त कर दिया है।

सलीम ने कहा कि एसआईआर की कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप