असम के बाढ़ प्रभावित चराइदेव और शिवसागर जिलों में मकान सूचीकरण की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई

असम के बाढ़ प्रभावित चराइदेव और शिवसागर जिलों में मकान सूचीकरण की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई

असम के बाढ़ प्रभावित चराइदेव और शिवसागर जिलों में मकान सूचीकरण की अवधि 31 अक्टूबर तक बढ़ाई गई
Modified Date: September 17, 2026 / 08:16 pm IST
Published Date: September 17, 2026 8:16 pm IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) असम के बाढ़ प्रभावित चराइदेव और शिवसागर जिलों में जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण की अवधि को करीब एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। भारत के महापंजीयक ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने एक राजपत्र अधिसूचना में कहा कि जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण यानी मकान सूचीकरण और आवास गणना (एचएलओ) को इन दोनों जिलों में 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है।

असम में एचएलओ का काम 17 अगस्त से 15 सितंबर तक होना था, लेकिन बाढ़ की मौजूदा स्थिति के कारण शिवसागर और चराइदेव जिलों में जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य तैयारियों को अगस्त में स्थगित करना पड़ा था।

बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘‘असम के चराइदेव और शिवसागर जिलों के संबंध में जनगणना 2027 के तहत मकान सूचीकरण की अवधि 31 अक्टूबर, 2026 तक बढ़ाई गई है।’’

जनगणना 2027 का पहला चरण यानी मकान सूचीकरण अभियान, एक अप्रैल से शुरू हुआ था और इस साल 30 सितंबर तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी रहेगा। मकान सूचीकरण अभियान के लिए प्रत्येक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की सरकार 30 दिनों की अवधि निर्धारित करेगी।

भाषा शफीक नरेश

नरेश


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