लोकसभा: भाजपा सांसद ने किया कुछ किताबों का उल्लेख, विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

लोकसभा: भाजपा सांसद ने किया कुछ किताबों का उल्लेख, विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित

लोकसभा: भाजपा सांसद ने किया कुछ किताबों का उल्लेख, विपक्ष के हंगामे के बीच कार्यवाही स्थगित
Modified Date: February 4, 2026 / 02:35 pm IST
Published Date: February 4, 2026 2:35 pm IST

नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को लोकसभा में कुछ किताबों का जिक्र करते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा और इस पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी गई।

दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे बैठक शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव संबंधी चर्चा शुरू कराई।

तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद जीएम हरीश बालयोगी ने चर्चा में भाग लिया जिसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का नाम पुकारा गया।

दुबे ने पंडित नेहरू के साथ ही एक पूर्व नौकरशाह और एक विधिवेत्ता की किताबों का जिक्र करते हुए प्रथम प्रधानमंत्री और कांग्रेस के अन्य नेताओं पर निशाना साधा और उन पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया।

पीठासीन सभापति तेन्नेटी ने किसी पुस्तक या पत्र का उल्लेख नहीं करने संबंधी नियम का हवाला देते हुए अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश का उल्लेख किया और दुबे को सदन में किताबें नहीं दिखाने को कहा।

हालांकि अपने साथ कुछ किताबें लेकर आए भाजपा सांसद उन्हें दिखाते हुए उनके लेखकों और उनमें लिखी सामग्री के बारे में टिप्पणी करते रहे।

दुबे के बयानों के खिलाफ विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया और कुछ सदस्यों को आसन के सामने कागज उछालते हुए भी देखा गया।

हंगामा बढ़ने पर पीठासीन सभापति ने कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित कर दी।

इससे पहले पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े मुद्दे, आठ विपक्षी सदस्यों के निलंबन और कुछ अन्य मुद्दों पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी के कारण बैठक पहले 12 बजे तक और फिर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

सुबह 11 बजे सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी दौरान विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।

अध्यक्ष बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘सदन के अंदर मर्यादित आचरण और व्यवहार करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।’’

शोर-शराबा नहीं थमने पर उन्होंने पांच मिनट बाद ही बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर वक्तव्य पढ़ा।

बिरला ने इस दौरान आसन के समीप और सत्तापक्ष की पंक्तियों के सामने आकर नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों से नाराजगी जताते हुए कहा, ‘‘इस देश में अलग- अलग समय आप सरकार में रहे हैं। उसके बावजूद आप सदन की परंपराओं और मर्यादाओं को तोड़ रहे हैं।’’

उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘आप चुनकर आते हैं। सदन के अंदर और बाहर विरोध का तरीका होता है। लेकिन आप इतने वरिष्ठ नेता हैं, आपने लंबे समय तक शासन किया है। बोलने की अनुमति देना या नहीं देना नियम प्रक्रिया से निर्धारित होता है।’’

राहुल गांधी ने मंगलवार को बिरला को पत्र लिखकर उन पर सरकार के इशारे पर खुद को सदन में बोलने नहीं देने का आरोप लगाया था।

हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर 16 मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, मंगलवार को सदन की अवमानना करने और महासचिव तथा लोकसभा अधिकारियों की मेजों के पास आकर कागज उछालकर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए कांग्रेस के सात और एक माकपा सांसद को संसद के वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया।

भाषा वैभव हक

हक


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