लोकसभा में गतिरोध जारी, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके

लोकसभा में गतिरोध जारी, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके

लोकसभा में गतिरोध जारी, प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके
Modified Date: August 3, 2026 / 12:23 pm IST
Published Date: August 3, 2026 12:23 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और प्रश्नकाल तथा शून्यकाल नहीं चल सके।

सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

सरकार ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच ही भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 और बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 पेश किए।

संसद के वर्तमान सत्र के तीसरे सप्ताह के पहले दिन की बैठक शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता का उल्लेख किया और उन्हें बधाई दी।

इसके बाद जब उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराया तो विपक्ष के सदस्य हंगामा करने लगे।

बिरला ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए कहा, ‘‘क्या आप पहले से फैसला करके आते हो कि सदन नहीं चलने देंगे। मुझे लगता है कि आप नियोजित तरीके से सदन नहीं चलाना चाहते। प्रश्नकाल महत्वपूर्ण होता है। कृपया प्रश्नकाल चलने दें।’’

शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही।

विपक्ष के हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किए।

पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने दोनों विधेयक पेश किए जाने के विरोध के लिए विपक्ष के कुछ सदस्यों के नाम भी पुकारे, लेकिन हंगामा जारी रहा।

सदन में हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने दोपहर 12 बजकर नौ मिनट पर कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 11वें दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके।

भाषा हक हक वैभव

वैभव


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