Shivpuri News: जब खुद को जिंदा साबित करने कलेक्टर के पास पहुंचा युवक…. हर कोई रह गए हैरान, जानिए क्या है पूरा मामला

Shivpuri News: जब खुद को जिंदा साबित करने कलेक्टर के पास पहुंचा युवक.... हर कोई रह गए हैरान, जानिए क्या है पूरा मामला

Shivpuri News: जब खुद को जिंदा साबित करने कलेक्टर के पास पहुंचा युवक…. हर कोई रह गए हैरान, जानिए क्या है पूरा मामला

Shivpuri News: जब खुद को जिंदा साबित करने कलेक्टर के पास पहुंचा युवक.... हर कोई रह गए हैरान, जानिए क्या है पूरा मामला /image: IBC 24

Modified Date: August 4, 2026 / 01:58 pm IST
Published Date: August 4, 2026 1:58 pm IST
HIGHLIGHTS
  • शिवपुरी के रन्नौद नगर परिषद ने पिता की जगह बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया
  • नामांतरण के दौरान पटवारी ने गलती पकड़ी, तब मामले का खुलासा हुआ
  • नगर परिषद से समाधान नहीं मिलने पर पीड़ित कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचा

शिवपुरी। Shivpuri News: शिवपुरी जिले की रन्नोद नगर पंचायत का अनूठा कारनामा सामने आया है। जहां एक युवक अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (death certificate) बनवाने गया था, लेकिन नगर परिषद ने उसी का मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया दिया। अब युवक इसे सुधरवाने के लिए चक्कर काटने को मजबूर है। नगर परिषद में सुनवाई नहीं हुई, तो पीड़ित कलेक्टर की जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाने पहुंचा।

पिता की जगह बेटे का बना मृत्यु प्रमाण पत्र

Shivpuri News मिली जानकारी के अनुसार, शिवपुरी जिले की रन्नौद नगर परिषद की लापरवाही ने एक जीवित युवक को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया। पीड़ित युवक गिटला आदिवासी ने बताया कि 2022 में उसके पिताजी जगनी आदिवासी की मौत हो गई थी और एक साल पहले उसकी अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन नगर परिषद ने गलती से उसी के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया।

कलेक्टर के पास पहुंचा युवक

Shivpuri News यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित अपने पिता के नामांतरण के लिए पटवारी के पास मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर पहुंचा। दस्तावेज देखने के बाद पटवारी ने बताया कि प्रमाण पत्र उसके पिता का नहीं, बल्कि उसी के नाम का बना हुआ है। नगर परिषद रन्नोद की इस लापरवाही पर जब वह नगर परिषद में गया तो उसकी कोई सुनवाई न होने के चलते अब वह कलेक्टर की जनसुनवाई में आया है। युवक स्वयं को जिंदा और पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की गुहार लगा रहा है। अब देखने वे बात होगी कि मामले में पीड़ित युवक को न्याय कब मिलता है।

 

 

ये भी पढ़ें


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.