नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) लोकसभा ने बृहस्पतिवार को ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ और ‘जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2025 का अध्ययन करने वाली संसदीय समितियों के कार्यकाल बढ़ा दिए।
उच्च शिक्षा के लिए एकल नियामक बनाने का प्रस्ताव करने वाले ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ की गहन समीक्षा के लिए गठित संयुक्त समिति की अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्य डी पुरंदेश्वरी ने सदन में प्रस्ताव रखा कि समिति का कार्यकाल इस वर्ष मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाया जाए।
वहीं, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025 के अध्ययन के लिए गठित प्रवर समिति की सदस्य और भाजपा सांसद मालविका देवी ने समिति का कार्यकाल इस वर्ष 13 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव सदन में रखा।
सदन ने ध्वनिमत से दोनों प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक संसद के गत शीतकालीन सत्र में पेश किया गया था। इसकी गहन समीक्षा के लिए गत मंगलवार को 31 सदस्यीय संयुक्त समिति के गठन की अधिसूचना जारी की गई।
मानसून सत्र में जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पेश किया गया था और इसे सदन ने अध्ययन के लिए प्रवर समिति को भेज दिया।
भाषा वैभव सुभाष
सुभाष