नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आगामी नौ अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ का उल्लेख किया और सदन ने कुछ क्षण मौन रखकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल शुरू कराया तब विपक्ष के सांसद अयोध्या में राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठा रहे थे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की अपनी मांग दोहराते हुए नारे लगा रहे थे।
बिरला ने भारत छोड़ो आंदोलन के संदर्भ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान का उल्लेख करते हुए विपक्षी सांसदों से उनसे प्रेरणा लेने को कहा।
अध्यक्ष ने कहा, ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का योगदान भारत ही नहीं, पूरी दुनिया मानती है और उनसे प्रेरणा लेती है। आप सब भी उनसे प्रेरणा लो और देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करने के लिए चर्चा, संवाद करो तथा अपने विचारों को अभिव्यक्त करो।’’
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय होता है और उसे चलने देना चाहिए।
बिरला ने कहा, ‘‘बाबा साहेब आंबेडकर ने यह विचार दिया था कि देश के अंदर लोकतंत्र को सशक्त और मजबूत करना है तो चर्चा और संवाद ही इसका रास्ता है। मैं हर बार आप सबसे आग्रह करता हूं लेकिन आपका आचरण संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। आपको इस पर विचार करना चाहिए।’’
इसके बाद हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत 20 जुलाई को हुई थी और तब से सदन में विभिन्न मुद्दों पर हंगामे की स्थिति के कारण आज लगातार 15वें दिन प्रश्नकाल नहीं चल सका।
भाषा वैभव मनीषा
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