चंडीगढ़ः DA Hike Latest News: अगर आप सरकारी कर्मचारी है तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल, पंजाब सरकार ने अपने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इसका भुगतान दो अलग-अलग किस्तों में में किया जाएगा। 1 अक्टूबर से सितंबर के वेतन के साथ पहली किस्त मिलेगा। सरकार ने DA Hike का ये बड़ा फैसला राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों द्वारा लंबित भत्ते के भुगतान और अन्य सेवा-संबंधी मांगों को लेकर किए गए लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया है।
दरअसल, बीतें दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी और डीए में सीधे 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का कल्याण और सम्मान सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने सरकारी कर्मचारियों को राज्य के प्रशासनिक ढांचे की रीढ़ बताया। मान ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), परख काल के दौरान वेतन, विभिन्न भत्तों की बहाली, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी), 2.59 के पेंशन गुणक और परख काल से जुड़े 2015 तथा 2020 के पत्रों समेत लंबे समय से लंबित मांगों पर विचार किया जाएगा।
मान ने कहा कि महिला कर्मचारियों की तैनाती उनके घरों से 40 किलोमीटर के दायरे में करने के लिए कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे महिला कर्मचारियों को अपनी पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रक्रिया के माध्यम से करीब 70,000 सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया योग्यता और पारदर्शिता पर आधारित रही है तथा सरकार ऐसा माहौल बनाना चाहती है जिसमें युवा अपनी योग्यता और मेहनत के आधार पर रोजगार हासिल कर सकें।
हालांकि, यहां बता दें कि कर्मचारियों और पेंशनर्स के 14,191 करोड़ रुपये के बकाया का विवाद अभी भी जारी है। भगवंत मान सरकार की डीए हाइक की घोषणा पहले से चल रहे इस विवाद का समाधान नहीं करती है। कर्मचारी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस निर्देश का पालन करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें सरकार को दो सप्ताह के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कहा गया है। इस मामले में राज्य सरकार ने तर्क देते हुए आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और कहा है कि इतने कम समय में इतना बड़ा भुगतान करना आर्थिक रूप से संभव नहीं है।