केरल का नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक लोकसभा में पारित
केरल का नाम ‘केरलम’ करने संबंधी विधेयक लोकसभा में पारित
नयी दिल्ली, 11 (भाषा) लोकसभा ने केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रावधान वाला विधेयक मंगलवार को विपक्ष के हंगामे के बीच पारित कर दिया।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। हालांकि, यह विधेयक गृह मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध था।
विपक्ष के सांसद अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी पर चर्चा और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री शाह के जवाब की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
राय ने विधेयक को पारित करने के लिए पेश करते हुए कहा, ‘‘मैं गृह मंत्री अमित शाह की ओर से केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 पर विचार का प्रस्ताव कर रहा हूं।’’
उन्होंने कहा कि केरल की 15वीं विधानसभा ने 14 जून 2024 को संकल्प पारित कर केंद्र सरकार से अपील की थी कि संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार राज्य का नाम बदलकर केरलम करने के लिए तत्काल कदम उठाया जाए।
राय ने कहा, ‘‘केरल सरकार ने कारण दिया कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम केरलम है लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में इसे केरल दर्ज किया गया है।’’
हंगामे के बीच ही सदन ने चर्चा के बिना केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान की।
केरल की पूर्ववर्ती वाम मोर्चा सरकार ने भारत सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया था।
राज्य विधानसभा ने अगस्त 2023 में इसी तरह का एक सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित करते हुए इसे केंद्र को भेजा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने इसमें कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था।
संविधान के अनुच्छेद 3 में मौजूदा राज्यों के नाम परिवर्तन का प्रावधान है। अनुच्छेद 3 के अनुसार, संसद कानून द्वारा किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है।
विधेयक पारित होने के बाद नित्यानंद राय ने कहा, ‘‘हमको लगता है कि हंगामे के बीच केरल से कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने शायद विधेयक पेश किये जाने का समर्थन नहीं किया है। पार्टी स्पष्ट करे कि क्या उन्हें केरल का नाम बदलकर केरलम करने में आपत्ति है।’’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा, ‘‘केसी वेणुगोपाल केरल से कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद हैं और शोर-शराबे के बीच उन्हें भी विधेयक पर उनका मत रखने का मौका नहीं मिला, जिसका हमें दुख है।’’
भाषा वैभव अविनाश
अविनाश

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