पुरी, 15 जून (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कहा कि भगवान जगन्नाथ ओडिशा के “असली राजा” हैं और वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर केवल जनसेवा कर रहे हैं।
माझी ने यह बात पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के दीघा स्थित जगन्नाथ मंदिर से ‘धाम’ शब्द हटवाने में सफलता मिलने के बाद यहां आयोजित एक विशेष समारोह में सम्मानित किए जाने के अवसर पर कही।
उन्होंने कहा, “ओडिशा में मुख्यमंत्री शासक नहीं हैं, बल्कि स्वयं भगवान ही असली राजा हैं और मुख्यमंत्री की कुर्सी सत्ता का प्रतीक नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम है।”
जगन्नाथ संस्कृति की रक्षा और ओड़िया अस्मिता को विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए मजबूत कदम उठाने पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सम्मानित करने के उद्देश्य से यहां टाउन हॉल में ‘श्री जगन्नाथ भक्त सेवा संस्थान’ द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में पुरी के सांसद संबित पात्रा, मंदिर के सेवादार, जगन्नाथ संस्कृति के विद्वान, पंडित और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “श्री जगन्नाथ संस्कृति और परंपरा की अपनी एक अनूठी विशेषता है। मैं आपको यहां विश्वास दिलाता हूं कि राज्य सरकार श्री जगन्नाथ संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन और मंदिर की शास्त्रीय परंपरा की रक्षा के लिए एक प्रहरी की तरह हमेशा सतर्क रहेगी।”
भाषा
प्रचेता प्रशांत
प्रशांत