लेह, 26 जनवरी (भाषा) लद्दाख के लोगों की देशभक्ति की सराहना करते हुए उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोमवार को समावेशी और सतत विकास के लिए अपने दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की, जिसमें आधुनिकता और युवाओं, महिलाओं व सीमावर्ती समुदायों के लिए अवसर सृजित करना शामिल है।
यहां 77वें गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने से इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और आजीविका में महत्वपूर्ण सुधार हो रहे हैं।
गुप्ता ने ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड में बर्फ से ढके पहाड़ों की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस के समारोह कारगिल जिले और अन्य तहसील एवं प्रखंड मुख्यालयों में भी देशभक्ति की भावना के साथ आयोजित किए गए।
लद्दाख के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज लद्दाख की चोटियों और सियाचिन ग्लेशियर पर तिरंगा गर्व से लहरा रहा है, जो संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों का प्रतीक है।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत 26 जनवरी 1950 को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना था और कहा कि देश ने विविधता में एकता और सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से चुनौतियों पर काबू पाया है।
उन्होंने लद्दाख के लोगों की देशभक्ति की प्रशंसा की और कहा कि उनका प्रशासन इस क्षेत्र को समावेशी और टिकाऊ विकास का एक आदर्श बनाने पर केंद्रित है।
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शुभम प्रशांत
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