लेह/जम्मू, तीन सितंबर (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने बृहस्पतिवार को नियंत्रण रेखा के समीप देश के सुदूर उत्तरी छोर के गांवों में से एक ऐतिहासिक हुंडरमन का दौरा किया और इसे एक प्रमुख सीमा एवं विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए चल रही पहल की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस दौरान सक्सेना ने गांव की अनोखी विरासत और रणनीतिक स्थिति की प्रमुखता से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा के करीब होने और ऐतिहासिक महत्व की वजह से, इस गांव में एक बड़े पर्यटक आकर्षण के तौर पर उभरने की ज़बरदस्त क्षमता है जो लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों के इतिहास और संस्कृति की झलक को परिलक्षित करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल को ‘एलओसी अन्वेषण एवं हुंडरमन ग्राम्य अनुभव’ परियोजना के बारे में बताया गया। इस परियोजना में ‘एलओसी अवलोकन स्थल’, एक समेकित सुविधा केंद्र, जानकारी देने वाले पैनल, घूमने के लिए रास्ता (वॉकिंग प्रोमेनेड), सौंदर्यीकरण, कैफे और खाने-पीने की जगहें और पर्यटकों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
सक्सेना ने अधिकारियों को अक्टूबर के आखिर तक विकास कार्य पूरे करने का निर्देश दिया।
कारगिल से लगभग 10 किलोमीटर उत्तर में सुरू नदी के किनारे बसा हुंडरमन गांव 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध तक पाकिस्तान के कब्ज़े में था। उस युद्ध में भारतीय सेना ने आस-पास की ऊंचाइयों पर कब्ज़ा कर लिया और यह इलाका भारत का हिस्सा बन गया।
उपराज्यपाल ने कहा, ‘‘हुंडरमन सिर्फ़ सीमा पर बसा एक गांव नहीं है; यह लद्दाख के इतिहास, विरासत और मजबूती का जीता-जागता प्रतीक है। मेरा मकसद हुंडरमैन, जो नियंत्रण रेखा पर स्थित पहला भारतीय गांव है, को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए सुलभ बनाना और इसे एक अनोखे सीमा और विरासत पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करना है।’’
भाषा राजकुमार माधव
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