एमएसीटी ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची के परिजनों को 40.37 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

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एमएसीटी ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली बच्ची के परिजनों को 40.37 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 10:19 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 10:19 PM IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के एक मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2020 में उत्तरी दिल्ली में तेज रफ्तार कार की चपेट में आकर जान गंवा चुकी चार-वर्षीय एक बच्ची के माता-पिता को 40.37 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

पीठासीन अधिकारी सुनील कुमार बच्चे के माता-पिता की ओर से दायर मुआवजा याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कार को लापरवाही और असावधानी से चलाने के कारण दुर्घटना हुई थी।

न्यायाधिकरण ने बृहस्पतिवार को जारी आदेश में बीमा रहित वाहन के चालक और मालिक को मुआवजे की राशि ब्याज समेत संयुक्त रूप से और अलग-अलग अदा करने का निर्देश दिया। न्यायाधिकरण के अनुसार, दुर्घटना 12 अक्टूबर 2020 को उस समय हुई थी, जब बच्ची अपने भाई-बहनों और एक अन्य व्यक्ति के साथ सड़क पार कर रही थी। तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में घायल बच्ची की बाद में मौत हो गई।

न्यायाधिकरण के अनुसार, प्रतिवादी पक्ष कार को लापरवाही और असावधानी से चलाए जाने के आरोपों को खारिज करने के लिए कोई साक्ष्य या सामग्री पेश नहीं कर सका।

इसमें न्यूनतम वेतन के आधार पर निर्भरता के नुकसान का आकलन किया गया, भविष्य की संभावनाओं को जोड़ा गया और अंतिम संस्कार के खर्च, संपत्ति के नुकसान और पारिवारिक साहचर्य की हानि जैसे मदों के तहत मुआवज़ा दिया गया।

न्यायाधिकरण ने कुल 40.37 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश दिया, जिसमें दावा याचिका दायर करने की तारीख से भुगतान तक नौ प्रतिशत सालाना ब्याज भी शामिल है। उसने प्रतिवादियों को 30 दिनों के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया।

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश