मप्र: सिंचाई के लिए खेत जा रहे किसान की बाघ के हमले में मौत

मप्र: सिंचाई के लिए खेत जा रहे किसान की बाघ के हमले में मौत

मप्र: सिंचाई के लिए खेत जा रहे किसान की बाघ के हमले में मौत
Modified Date: January 17, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: January 17, 2026 7:51 pm IST

सिवनी, 17 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में पेंच बाघ अभयारण्य अंतर्गत छिंदवाड़ा वनमंडल के बिछुआ थाना क्षेत्र के जंगल से सटे गुमतरा गांव में खेत की सिंचाई करने जा रहे एक किसान की बाघ के हमले में मौत हो गई।

पेंच बाघ अभयारण्य के उपनिदेशक रजनीश सिंह ने शनिवार को बताया कि 16-17 जनवरी की दरम्यानी रात गुमतरा गांव निवासी किसान राजकुमार कहार (38) घर से पैदल खेत की ओर निकला था। तलाश के दौरान वन विभाग और पुलिस के संयुक्त दल को रात करीब तीन बजे कुंभपानी बफर वनपरिक्षेत्र के गुमतरा बीट अंतर्गत लालमाटी क्षेत्र में उसका शव मिला।

उन्होंने बताया कि घटनास्थल के आसपास बाघ की मौजूदगी का पता चला तथा उसके पैरों के निशान भी पाए गए हैं। हालांकि हमले के बाद बाघ ने शव को खाने का प्रयास नहीं किया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को सिविल अस्पताल बिछुआ लाया गया, जहां शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया।

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उपनिदेशक ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघ के हमले से किसान की मौत की पुष्टि होने पर पेंच बाघ अभयारण्य प्रबंधन की ओर से शासन के नियमानुसार सहायता राशि का चेक मृतक के परिजन को सौंप दिया गया।

उन्होंने बताया कि राजकुमार के घर से निकलने के कुछ देर बाद उसका छोटा भाई राजेश कहार भी बाइक से खेत पहुंचा था। रास्ते में उसने बाघ को देखा, लेकिन हमले की जानकारी न होने के कारण जब वह खेत पहुंचा तो उसका भाई वहां नहीं मिला। बाद में घर लौटकर जानकारी लेने पर राजकुमार के खेत से वापस नहीं आने की पुष्टि हुई, जिसके बाद वन अमले और बिछुआ थाना पुलिस को सूचना दी गई।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व छह जनवरी को पेंच बाघ अभयारण्य के गुमतरा कोर वनपरिक्षेत्र में तलाश के दौरान टिकारीमाल निवासी कमल उइके (43) का क्षत-विक्षत शव मिला था। जांच में पता चला था कि उइके की मौत भी बाघ के हमले में हुई है। उइके प्रतिबंधित वन क्षेत्र में मछली पकड़ने गया था।

भाषा सं दिमो सुरभि

सुरभि


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